JNVU का एक्शन: परीक्षा में नकल, 93 उत्तर पुस्तिकाएं जब्त!

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AuthorNeha Patil|Published at:
JNVU का एक्शन: परीक्षा में नकल, 93 उत्तर पुस्तिकाएं जब्त!

जैसलमेर के एक कॉलेज में BA द्वितीय वर्ष की परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी (JNVU) ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र हल करने में मदद कर रहे दो इनविजिलेटर्स को रंगे हाथों पकड़ा और 93 उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर लीं। विश्वविद्यालय ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

Detailed Coverage

परीक्षा में धांधली का बड़ा खुलासा

जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी (JNVU) ने राजस्थान के जैसलमेर स्थित श्री करणी कॉलेज, काजोई गांव में परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं के बाद एक उच्च-स्तरीय जांच शुरू की है। BA द्वितीय वर्ष की हिंदी साहित्य की परीक्षा के दौरान, विश्वविद्यालय की एक फ्लाइंग स्क्वाड ने अचानक छापा मारा और दो इनविजिलेटर्स को छात्रों को उत्तर बताते हुए पाया।

विश्वविद्यालय ने फौरन कार्रवाई करते हुए परीक्षा हॉल से 93 उत्तर पुस्तिकाएं सील कर दीं। अधिकारियों के मुताबिक, इन उत्तर पुस्तिकाओं की शुरुआती समीक्षा में छात्रों के जवाबों में संदिग्ध समानताएं पाई गईं, जिसके बाद इन्हें जब्त करने का फैसला लिया गया। परीक्षा प्रक्रिया जारी रखने के लिए, प्रभावित छात्रों को अपनी परीक्षा पूरी करने के लिए नई उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं।

जांच का दायरा और संभावित सजा

विश्वविद्यालय अब परीक्षा केंद्र के CCTV फुटेज की भी समीक्षा कर रहा है, जिससे नकल के आरोपों की पुष्टि होने की उम्मीद है। कॉलेज अधिकारियों के बयानों के अनुसार, इस जांच में इनविजिलेटर्स जय करण और ओम प्रकाश की भूमिका की जांच की जा रही है। फ्लाइंग स्क्वाड, जिसमें कई प्रोफेसर भी शामिल थे, ने जैसलमेर और बाड़मेर जिलों के अन्य स्थानों का भी निरीक्षण किया, जहाँ शिव परीक्षा केंद्र पर नकल का एक अलग मामला सामने आया।

इस मामले में शामिल लोगों के लिए परिणाम गंभीर हो सकते हैं। विश्वविद्यालय के नियमों के तहत, अनुचित साधनों का उपयोग करने के दोषी पाए जाने वाले छात्रों को 1 से 3 साल तक के लिए भविष्य की परीक्षाओं से वंचित किया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन, वाइस-चांसलर प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा के नेतृत्व में, ऐसी घटनाओं के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर जोर दे रहा है।

हालांकि वर्तमान जांच अनुशासनात्मक उपायों पर केंद्रित है, विश्वविद्यालय छात्रों और कर्मचारियों के लिए अंतिम दंड तय करने हेतु एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित करेगा। अगली महत्वपूर्ण जानकारी औपचारिक जांच के निष्कर्षों से आएगी, जो धांधली के पैमाने और विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज प्रशासन और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ की जाने वाली विशिष्ट कार्रवाइयों को स्पष्ट करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.