Jawaharlal Nehru University (JNU) ने प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद Bimol Akoijam को उनकी सेवाओं से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई मई **2026** में **11** छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और दुराचार के आरोपों की आंतरिक जांच के बाद की गई है।
Jawaharlal Nehru University (JNU) ने आधिकारिक तौर पर प्रोफेसर Angomcha Bimol Akoijam की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जो वर्तमान में इनर मणिपुर सीट से लोकसभा सांसद हैं। विश्वविद्यालय का यह कड़ा फैसला उन गंभीर आरोपों के बाद आया है, जिसमें उन पर पेशेवर दुराचार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था।
जांच का आधार
यह प्रशासनिक कार्रवाई मई 2026 में 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' की 11 छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों के बाद शुरू हुई थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि अपने कार्यकाल के दौरान प्रोफेसर ने उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और अनुचित व्यवहार किया। इन शिकायतों के बाद, JNU की इंटरनल कमिटी ने पूरे मामले की गहन जांच की।
नियमों का हवाला
बर्खास्तगी के अपने आदेश में, विश्वविद्यालय प्रशासन ने 'सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स' के नियम 11(ix) का इस्तेमाल किया है, जो सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण और अनुशासन से जुड़े हैं।
प्रोफेसर का पक्ष
प्रोफेसर Akoijam ने इन सभी निष्कर्षों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इस पूरी जांच प्रक्रिया को एक 'विच हंट' (प्रतिशोध की राजनीति) करार दिया है। उन्होंने अपने बचाव में दलील दी है कि ये आरोप आधारहीन और द्वेषपूर्ण हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जांच कमिटी के सबूतों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच सामने आ सके और उनकी प्रतिष्ठा को हो रहे नुकसान को रोका जा सके। फिलहाल यह मामला यूनिवर्सिटी प्रशासन और सांसद के बीच एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
