भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित एक बड़े टेरर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जो Instagram के जरिए युवाओं को बरगलाकर अपराध की दुनिया में धकेल रहा था। इस कार्रवाई में देश भर से **700** से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और इसका शेयर बाजार या किसी लिस्टेड कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक ऐसे सोफिस्टिकेटेड टेरर नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जो Instagram को अपना मुख्य हथियार बनाकर देश में सक्रिय था। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स, जिसमें शहजाद भट्टी का नाम प्रमुख है, सीधे तौर पर 18 से 25 साल के युवाओं को निशाना बना रहे थे।
कैसे फंसाया जाता था युवाओं को?
यह गिरोह एक सोची-समझी साजिश के तहत काम करता था। हैंडलर्स सोशल मीडिया पर उन युवाओं की पहचान करते थे जो किसी मुद्दे पर भड़के हुए होते थे। एक बार संपर्क बनने के बाद, उन्हें ₹10,000 से ₹25,000 तक का लालच देकर गैर-कानूनी कामों में धकेला जाता था। इसमें सामान की तस्करी से लेकर झारखंड में पेट्रोल बम हमला और जालंधर में ब्लास्ट जैसी घटनाएं शामिल हैं।
सरकारी कार्रवाई और UAPA
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर चलाए गए इस राष्ट्रव्यापी ऑपरेशन में सेंट्रल इंटेलिजेंस और राज्य पुलिस की संयुक्त टीमों ने करीब 700 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सरकार ने इस पूरे नेटवर्क को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है, जिससे एजेंसियों को बड़ी कार्रवाई करने के अधिकार मिल गए हैं।
यह मामला पूरी तरह से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए निवेशकों को घबराने या इसे किसी बाजार की घटना से जोड़ने की जरूरत नहीं है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क के बाकी बचे हुए नोड्स को ट्रैक करने में जुटी हैं।
