Inheritance Hurdles: विरासत हासिल करने के लिए 58% परिवारों को देनी पड़ रही रिश्वत

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AuthorAditya Rao|Published at:
Inheritance Hurdles: विरासत हासिल करने के लिए 58% परिवारों को देनी पड़ रही रिश्वत

एक हालिया सर्वे के मुताबिक, भारत में **58%** परिवारों को अपनी कानूनी विरासत (Inheritance) हासिल करने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है, जो **2022** में **52%** थी। जहाँ फाइनेंशियल मार्केट में डिजिटल रिफॉर्म्स हुए हैं, वहीं जमीन और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में आज भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

विरासत में मिली संपत्ति को अपने नाम कराना भारतीय परिवारों के लिए दिन-प्रतिदिन महंगा और जटिल होता जा रहा है। 349 जिलों के 32,000 से ज्यादा नागरिकों पर किए गए एक सर्वे से पता चला है कि 58% परिवारों को विरासत हासिल करने के लिए घूस देनी पड़ी है। इस चलन को 'दुख के समय पर लिया जाने वाला टैक्स' भी कहा जा रहा है, जो सिस्टम की गहरी खामियों को उजागर करता है।

भ्रष्ट सिस्टम की जड़ें

इस भ्रष्टाचार का मुख्य कारण पुराने भौतिक (physical) डॉक्यूमेंटेशन के नियम हैं। 73% लोगों ने बताया कि लैंड रजिस्ट्रेशन ऑफिस ही सबसे बड़ी समस्या हैं। 'रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908' आज भी फिजिकल मौजूदगी, स्याही वाले हस्ताक्षर और हार्ड-कॉपी सर्टिफिकेट पर जोर देता है, जिससे बिचौलियों और मैन्युअल हेरफेर के मौके बढ़ जाते हैं। इन दफ्तरों में काम को जल्दी कराने के लिए अक्सर परिवारों को पैसे देने पड़ते हैं।

फाइनेंशियल सेक्टर में डिजिटल सुधार

प्रॉपर्टी के मुकाबले फाइनेंशियल सेक्टर ने काफी तेजी से डिजिटल सुधार अपनाए हैं। SEBI ने प्रति अकाउंट 10 नॉमिनी तक रखने की सुविधा दी है और 'बैंकिंग लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट 2025' ने बैंक जमाकर्ताओं के लिए प्रक्रिया आसान की है। हालांकि, चुनौतियां यहां भी हैं। 2023 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हुआ कि नॉमिनेशन का मतलब हमेशा कानूनी उत्तराधिकार नहीं होता, जिससे कानूनी पेचीदगियां बढ़ जाती हैं। यही कारण है कि आज भी डिविडेंड, म्यूचुअल फंड और बैंक डिपॉजिट जैसी बड़ी रकम लावारिस पड़ी है।

समाधान की राह

दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ई-रजिस्ट्रेशन जैसी पहल तो हुई है, लेकिन इनमें राष्ट्रीय स्तर की एकरूपता की कमी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक 'ड्राफ्ट रजिस्ट्रेशन बिल 2025' जैसा कोई राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा लागू नहीं होता, तब तक प्रशासनिक दफ्तरों में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत बनी रहेंगी। फिलहाल, परिवारों को सतर्क रहना चाहिए, अपने डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने चाहिए और समय-समय पर नॉमिनेशन को अपडेट करना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.