आज, 23 जुलाई को तीन कंपनियों - Indo-MIM, Lohia Corp, और Xtranet Technologies - के IPOs सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गए हैं। ये तीनों मिलकर कुल **₹5,079 करोड़** जुटाने की तैयारी में हैं। निवेशक ग्रे मार्केट के रुझानों और ब्रोकरेज की सलाह पर गौर कर रहे हैं, क्योंकि सब्सक्रिप्शन 27 जुलाई तक खुला रहेगा।
Detailed Coverage
तीन IPOs ने मचाई धूम!
आज, 23 जुलाई को भारतीय शेयर बाज़ार में रौनक छा गई है, क्योंकि तीन दिग्गज कंपनियों - Indo-MIM, Lohia Corp, और Xtranet Technologies - ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स (IPOs) लॉन्च कर दिए हैं। इन तीनों IPOs के ज़रिए कुल ₹5,079.29 करोड़ जुटाए जाएंगे। सब्सक्रिप्शन विंडो 27 जुलाई तक खुली रहेगी, और शेयर 28 जुलाई को अलॉट होंगे, जबकि 30 जुलाई को एक्सचेंजों पर लिस्ट किए जाएंगे।
Indo-MIM IPO: सबसे बड़ा ऑफर
तीनों में सबसे बड़ा IPO Indo-MIM का है, जो फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल के ज़रिए ₹3,811.21 करोड़ जुटाना चाहता है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹461 से ₹485 प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों के लिए, अपर प्राइस बैंड पर कम से कम 30 शेयर खरीदने होंगे, यानी न्यूनतम निवेश ₹14,550। अनऑफिशियल बाज़ार (ग्रे मार्केट) में इस IPO को लेकर ज़बरदस्त क्रेज़ दिख रहा है, जहां ₹185 प्रति शेयर का प्रीमियम चल रहा है। यह इश्यू प्राइस पर 38% से ज़्यादा का प्रीमियम दर्शाता है। Anand Rathi Share & Stock Brokers और Kantilal Chhaganlal Securities जैसे कई बड़े ब्रोकरेज फर्मों ने इसमें सब्सक्रिप्शन की सलाह दी है।
Lohia Corp और Xtranet Technologies IPOs
Lohia Corp, ₹1,101.28 करोड़ के ऑफर फॉर सेल के साथ बाज़ार में उतरा है। इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹404 से ₹425 प्रति शेयर रखा गया है। भाग लेने के इच्छुक निवेशकों को कम से कम 35 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा। Lohia Corp के लिए ग्रे मार्केट का सेंटिमेंट थोड़ा कम है, जहां प्रीमियम लगभग ₹36 प्रति शेयर यानी अपर प्राइस बैंड से करीब 8% ज़्यादा है। SBI Securities और Mastertrust जैसे ब्रोकरेज फर्मों ने इस इश्यू पर पॉजिटिव कवरेज दी है।
Xtranet Technologies भी ₹166.80 करोड़ का IPO ला रहा है, जो फ्रेश इश्यू के ज़रिए होगा। इसका प्राइस बैंड ₹120 से ₹127 प्रति शेयर है। रिटेल लॉट साइज़ 110 शेयर है। ग्रे मार्केट इंडिकेटर्स के अनुसार, यहां करीब ₹13 प्रति शेयर का प्रीमियम चल रहा है, जो 10% की बढ़ोतरी दिखाता है। Swastika Investmart जैसी फर्मों ने सब्सक्राइब करने की सलाह दी है, जबकि SBI Securities ने न्यूट्रल (तटस्थ) रुख अपनाया है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
इन तीन कंपनियों के IPOs में पैसा लगाने से पहले, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनऑफिशियल होते हैं और मांग व बाज़ार के सेंटिमेंट के आधार पर तेज़ी से बदल सकते हैं। ये लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं देते। इसके अलावा, हर कंपनी के अपने बिजनेस रिस्क हैं, जैसे कि कंपटीशन, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और नियामक कारक। सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान, निवेशक रोज़ाना रिटेल, नॉन-इंस्टीट्यूशनल और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के सब्सक्रिप्शन लेवल पर नज़र रख सकते हैं, क्योंकि यह डेटा बाज़ार की मांग और कॉन्फिडेंस का एक स्पष्ट संकेत देता है।
