इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज **20 जुलाई, 2026** को खुल गया है। कंपनी का लक्ष्य **₹461-485** प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ **₹3,812 करोड़** जुटाना है। इस रकम में से **₹400 करोड़** का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को कम करने के लिए करेगी, जो मई **2026** तक **₹1,200 करोड़** था। आईआईटी मद्रास (IIT Madras) भी अपनी गिफ्ट की हुई हिस्सेदारी का आधा हिस्सा बेच रहा है, जिससे उसे करीब **₹112 करोड़** मिलने की उम्मीद है।
IPO में क्या है खास?
यह IPO फ्रेश इश्यू के तौर पर ₹500 करोड़ का होगा, जबकि मौजूदा निवेशकों की ओर से 6.83 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे जाएंगे, जिनकी कीमत ₹3,312 करोड़ है।
कर्ज कम करने पर फोकस
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 में ₹533 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 26% ज़्यादा है। इसी अवधि में रेवेन्यू भी 26% बढ़कर ₹4,193 करोड़ रहा। IPO से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा, यानी ₹400 करोड़, कंपनी अपने ₹1,200 करोड़ के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल करेगी। इससे कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ में सुधार होने की उम्मीद है।
वैश्विक पकड़ और मार्केट पोजीशन
1996 में स्थापित, इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स की ग्लोबल प्लेयर है। कंपनी का दावा है कि वह पिछले 6 सालों से मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी में दुनिया की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर रही है। 2025 में रेवेन्यू के हिसाब से कंपनी की ग्लोबल मार्केट में 6.8% हिस्सेदारी थी। भारत, अमेरिका, यूके और मेक्सिको में 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज़ के साथ, यह एयरोस्पेस, ऑटोमोटिव और मेडिकल डिवाइस जैसे सेक्टरों को अपनी सेवाएं देती है।
मार्केट में क्या है स्थिति?
इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) इंजीनियरिंग इंडस्ट्री के एक खास सेगमेंट में काम करती है। कंपनी के अनुसार, भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर इसका कोई सीधा कॉम्पटीटर लिस्टेड नहीं है। इंटरनेशनल लेवल पर, शेंज़ेन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड जियांग्सू जियान टेक्नोलॉजी (Jiangsu Gian Technology Co.) ही एकमात्र तुलनीय कंपनी है। निवेशकों की नजर अब सब्सक्रिप्शन पर और कंपनी की ग्रोथ मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर रहेगी।
