मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (Metal Injection Molding) टेक्नोलॉजी में माहिर Indo-MIM कंपनी अपना IPO 23 जुलाई को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) का साइज़ घटाकर **₹500 करोड़** कर दिया है, जो पहले **₹1000 करोड़** का था। इस फंड का मुख्य इस्तेमाल कंपनी के **₹1,212.3 करोड़** के कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। इसके अलावा, IPO में मौजूदा निवेशकों की तरफ से भी कुछ हिस्सेदारी बेची जाएगी।
IPO की नई रणनीति
Indo-MIM, जो कि मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी में एक जानी-मानी कंपनी है, ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का सब्सक्रिप्शन 23 जुलाई 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी फंड जुटाने की योजना में बदलाव किया है, जिसके तहत फ्रेश इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम को घटाकर ₹500 करोड़ कर दिया गया है। पहले कंपनी ₹1000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही थी। यह बदलाव हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नए नियमों के कारण संभव हुआ है, जो कंपनियों को बिना फ्रेश ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट जमा किए फ्रेश इश्यू साइज़ को 50% तक कम करने की अनुमति देते हैं।
मौजूदा निवेशकों की बिकवाली
नए शेयर्स जारी करने के अलावा, इस IPO में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसके तहत, मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। प्रमुख बिकवाली करने वालों में ग्रीन मेडोज इन्वेस्टमेंट्स (Green Meadows Investments) शामिल है, जो 6.05 करोड़ शेयर्स बेच रही है। इसके साथ ही, अनुराधा कोडुरी (Anuradha Koduri) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (Indian Institute of Technology Madras) भी क्रमशः 54.59 लाख और 23.07 लाख शेयर्स की बिकवाली करेंगे। एंकर निवेशक (Anchor Investor) पोर्शन मेन सब्सक्रिप्शन पीरियड से एक दिन पहले, यानी 22 जुलाई को खुलेगा, जबकि मेन सब्सक्रिप्शन 27 जुलाई को बंद होगा।
कर्ज घटाने पर फोकस
IPO से जुटाई जाने वाली ₹500 करोड़ की रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी के कर्ज को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मई 2026 तक, कंपनी का कुल कर्ज ₹1,212.3 करोड़ था। IPO से प्राप्त ₹400 करोड़ का उपयोग इस बकाया लोन को चुकाने में किया जाएगा, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और ब्याज का बोझ कम होगा। फ्रेश इश्यू से बची हुई रकम का उपयोग जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (General Corporate Purposes) के लिए किया जाएगा। कंपनी की फाइनेंसियल हेल्थ की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी के रेवेन्यू में 26% की बढ़त के साथ ₹4,193 करोड़ और प्रॉफिट में 26% की बढ़त के साथ ₹533.5 करोड़ दर्ज किए गए हैं।
लिस्टिंग की उम्मीद
सब्सक्रिप्शन पीरियड खत्म होने के बाद, कंपनी 28 जुलाई तक शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो स्टॉक 30 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकता है। इस IPO को मैनेज करने वाले मर्चेंट बैंकरों (Merchant Bankers) में HDFC बैंक, एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), ICICI सिक्योरिटीज (ICICI Securities), कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी (Kotak Mahindra Capital Company), और SBI कैपिटल मार्केट्स (SBI Capital Markets) शामिल हैं। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कर्ज कम होने के बाद कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है और प्रिसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का भविष्य के विकास पर क्या असर पड़ता है। शेयर अलॉटमेंट और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग प्राइस अगले महत्वपूर्ण अपडेट होंगे।
