Indo-MIM IPO: ₹3,800 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा, ₹461-485 तय हुआ प्राइस बैंड

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indo-MIM IPO: ₹3,800 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा, ₹461-485 तय हुआ प्राइस बैंड

बेंगलुरु की प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Indo-MIM ने अपने ₹3,800 करोड़ के IPO के लिए ₹461-485 का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 23 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा, जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है जिसका मुख्य उद्देश्य कर्ज घटाना है। इसके साथ ही मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) भी लाया जाएगा।

Indo-MIM IPO: पब्लिक मार्केट में दस्तक

मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी में माहिर Indo-MIM लिमिटेड पब्लिक मार्केट में ₹3,800 करोड़ जुटाने के लिए तैयार है। कंपनी ने अपने IPO के लिए ₹461 से ₹485 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक 23 जुलाई से इस इश्यू में पैसा लगा सकेंगे, जबकि एंकर निवेशकों के लिए बोली 22 जुलाई को खुलेगी। सब्सक्रिप्शन की आखिरी तारीख 27 जुलाई होगी।

इश्यू की संरचना और फंड का उपयोग

यह कुल ऑफर दो हिस्सों में बंटा है: ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3,312 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS)। OFS में पैसा कंपनी के बजाय बेचने वाले शेयरधारकों के पास जाता है। इस सेल में Green Meadows Investments, व्यक्तिगत शेयरधारक Anuradha Koduri और Indian Institute of Technology Madras जैसे प्रमुख निवेशक शामिल हैं। Indo-MIM फ्रेश कैपिटल से ₹400 करोड़ का इस्तेमाल अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए करेगी, जो मई 2026 तक ₹1,212.3 करोड़ था। फ्रेश इश्यू से बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

बिजनेस मॉडल और ग्लोबल फुटप्रिंट

बेंगलुरु स्थित Indo-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक का उपयोग करती है, जिससे जटिल मेटल पार्ट्स उच्च सटीकता के साथ बनाए जाते हैं। कंपनी का दावा है कि इस खास क्षेत्र में उसकी ग्लोबल मार्केट शेयर लगभग 6.8 फीसदी है। कंपनी के उत्पादन नेटवर्क में भारत, अमेरिका, यूके और मेक्सिको में स्थित 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज शामिल हैं। यह ऑटोमोटिव, डिफेंस, एयरोस्पेस, मेडिकल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न उद्योगों को 9,000 से अधिक विभिन्न उत्पादों की आपूर्ति करती है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक, कंपनी ने ₹4,193 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। नेट प्रॉफिट भी 26 फीसदी बढ़कर ₹533.5 करोड़ हो गया। प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे पर, कंपनी का पोस्ट-लिस्टिंग मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹23,981.4 करोड़ होने का अनुमान है। निवेशक कंपनी की भविष्य में इस ग्रोथ रेट को बनाए रखने की क्षमता पर नज़र रखेंगे, साथ ही IPO के बाद बाकी बचे कर्ज के प्रबंधन पर भी ध्यान देंगे।

आगे की राह

शेयरों का फाइनल अलॉटमेंट 28 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद 29 जुलाई को रिफंड और डीमैट खातों में शेयरों का क्रेडिट होगा। कंपनी 30 जुलाई को भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर डेब्यू करने की उम्मीद है। निवेशक लिस्टिंग परफॉर्मेंस पर नजर रखेंगे और ऑफर डॉक्यूमेंट्स में उल्लिखित फंड के उपयोग और कर्ज में कमी की प्रगति के बारे में भविष्य के अपडेट्स पर गौर करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.