भारत के टॉप 300 फैमिली बिज़नेस का जलवा! वैल्यू पहुंची $1.46 ट्रिलियन, निफ्टी और सेंसेक्स को छोड़ा पीछे

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारत के टॉप 300 फैमिली बिज़नेस का जलवा! वैल्यू पहुंची $1.46 ट्रिलियन, निफ्टी और सेंसेक्स को छोड़ा पीछे

भारत के 300 सबसे बड़े फैमिली बिज़नेस का कुल वैल्यूएशन **$1.46 ट्रिलियन** तक पहुँच गया है। पिछले दो सालों में इनमें **27.5%** की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है, जो कि निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स के मामूली गिरावट के मुकाबले काफी बेहतर है। ये कंपनियां कुल कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन का **17%** हिस्सा देती हैं और अब प्रोफेशनल मैनेजमेंट की ओर बढ़ रही हैं।

फैमिली बिज़नेस का बढ़ा दबदबा!

2026 Barclays Private Clients Hurun India Most Valuable Family Businesses List के अनुसार, भारत के टॉप 300 फैमिली बिज़नेस ने मिलकर $1.46 ट्रिलियन का वैल्यूएशन हासिल कर लिया है। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में इन बड़ी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। पिछले दो सालों में इनके वैल्यूएशन में 27.5% का इजाफा हुआ है। इसके विपरीत, निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स जैसे प्रमुख सूचकांकों में इसी दौरान क्रमशः 1.1% और 3.7% की गिरावट दर्ज की गई थी।

लीडर्स और पहली पीढ़ी की कंपनियों का कमाल

इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेतृत्व करने वाले अंबानी परिवार का दबदबा कायम है, जिनका वैल्यूएशन ₹25.8 लाख करोड़ है। हालांकि, पिछले एक साल में इनके वैल्यूएशन में 8.5% की गिरावट आई है। कुमार मंगलम बिरला परिवार ₹8.14 लाख करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि जिंदल परिवार ₹8.02 लाख करोड़ के साथ तीसरे पायदान पर काबिज है।

एक बड़ा बदलाव यह भी देखने को मिला है कि पहली पीढ़ी के उद्यमियों का भी जलवा बढ़ा है। अडानी परिवार ₹19.6 लाख करोड़ के वैल्यूएशन के साथ इस श्रेणी में सबसे आगे हैं। यह दिखाता है कि नए बिज़नेस ग्रुप्स भी पारंपरिक परिवारों के साथ-साथ तेज़ी से अपनी पहचान बना रहे हैं।

इकोनॉमी में अहम योगदान और सेक्टर्स के रिस्क

ये 300 फैमिली बिज़नेस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो सामूहिक रूप से 5.4 मिलियन लोगों को रोज़गार देते हैं। राष्ट्रीय खजाने में इनका योगदान महत्वपूर्ण है, जो कुल कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन का 17% है।

हालांकि, रिपोर्ट में साइक्लिकल सेक्टर्स और मार्केट की अस्थिरता से जुड़े जोखिमों की ओर भी इशारा किया गया है। सभी बिज़नेस में अच्छी ग्रोथ नहीं रही; उदाहरण के लिए, नाडर परिवार के वैल्यूएशन में 32% की गिरावट आई, जो सॉफ्टवेयर और सर्विस सेक्टर में आई कमजोरी को दर्शाती है। इससे पता चलता है कि ये ग्रुप्स मज़बूत तो हैं, लेकिन सेक्टर-विशिष्ट दबावों से अछूते नहीं हैं।

95 कंपनियां मुंबई से हेडक्वार्टर हैं, जो एक प्रमुख भौगोलिक एकाग्रता को दर्शाता है। अपनी संपत्ति और भविष्य की प्लानिंग को सुरक्षित करने के लिए, ये परिवार प्रोफेशनल मैनेजमेंट की ओर बढ़ रहे हैं। 79 परिवार अपनी वेल्थ मैनेज करने के लिए फैमिली ऑफिस चला रहे हैं, और 71 कंपनियों का नेतृत्व प्रोफेशनल सीईओ कर रहे हैं। निवेशक इन कंपनियों के कैपिटल एलोकेशन, सक्सेशन प्लान और डेट लेवल पर नज़र रख सकते हैं, खासकर जब वे अपने-अपने सेक्टर में बदलते मार्केट कंडीशंस का सामना कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.