भारतीय शेयर बाज़ार में लगातार 6वें दिन गिरावट, सेंसेक्स 492 अंक नीचे

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AuthorMehul Desai|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार में लगातार 6वें दिन गिरावट, सेंसेक्स 492 अंक नीचे

भारतीय शेयर बाज़ारों में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को लगातार छठी बार गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सेंसेक्स **492.70** अंक गिरकर **77,235.46** पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी **132.75** अंक घटकर **24,154.90** पर आ गया।

बाज़ार में लगातार बिकवाली का दौर

18 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाज़ारों में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों में खास नुकसान हुआ। BSE सेंसेक्स 492.70 अंक की गिरावट के साथ 77,235.46 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी 50 में 132.75 अंकों की गिरावट आई और यह दिन के अंत में 24,154.90 पर बंद हुआ। यह लगातार छठा दिन है जब निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई है, जो बाज़ार में लगातार बिकवाली के दबाव को दर्शाता है।

गिरावट के मुख्य कारण

इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक अस्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। मध्य-पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $90 प्रति बैरल के पार चली गई हैं। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय हैं। इससे महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है, जिससे निवेशक शेयर बाज़ार में निवेश को लेकर सतर्क हो जाते हैं।

किन सेक्टर्स में रही बिकवाली?

आईटी (IT), रियलटी (Realty), एफएमसीजी (FMCG), मेटल (Metals) और फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) जैसे प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव देखा गया। निवेशकों ने इन सेगमेंट्स में अपना निवेश कम किया। हालांकि, बाज़ार में कुछ ऐसे सेक्टर्स भी रहे जिन्होंने इस गिरावट के उलट प्रदर्शन किया। ऑटो (Auto), फार्मा (Pharma), हेल्थकेयर (Healthcare) और ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) जैसे सेक्टर्स में तेजी दर्ज की गई।

आगे क्या?

आने वाले दिनों में बाज़ार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक स्थितियों के विकास पर निर्भर करेगी। निवेशक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों पर भी नज़र रखेंगे, क्योंकि उनकी लगातार बिकवाली बाज़ार की लिक्विडिटी को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक स्वास्थ्य और कॉर्पोरेट नतीजों से जुड़े कोई भी नए आंकड़े भारतीय व्यवसायों पर इन वैश्विक कारकों के प्रभाव का आकलन करने में महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.