आर्मी और नेवी के टॉप लीडरशिप अब ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक से अपनी नई और आधुनिक बिल्डिंग्स में शिफ्ट होंगे। नवंबर 2026 तक होने वाला यह बदलाव 'सेंट्रल विस्टा' प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा है।
दिल्ली के प्रतिष्ठित साउथ ब्लॉक से एक युग का अंत होने जा रहा है। नवंबर 2026 के अंत तक, भारत के आर्मी और नेवी चीफ अपने पुराने दफ्तरों को छोड़कर अत्याधुनिक सुविधाओं वाले नए परिसरों में शिफ्ट हो जाएंगे। यह कदम केंद्र सरकार के महत्वकांक्षी 'सेंट्रल विस्टा' (Central Vista) पुनर्विकास प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाना है।
कहाँ शिफ्ट होंगे चीफ?
आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ और उनकी टीम दिल्ली छावनी क्षेत्र में बने नए 'शौर्य भवन' (Shaurya Bhavan) में स्थानांतरित होगी। वहीं, भारतीय नौसेना की कमान साउथ ब्लॉक के ठीक पीछे बने नए 'सेना भवन' (Sena Bhavan) से संचालित होगी।
तकनीकी चुनौतियां
यह बदलाव सिर्फ फर्नीचर बदलने जैसा नहीं है। इसमें 'आर्मी वॉर रूम' जैसे अत्यंत संवेदनशील और हाई-टेक कंट्रोल सेंटर्स को शिफ्ट करना शामिल है। इन केंद्रों के लिए बेहद सुरक्षित कम्युनिकेशन और तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। नेवी के मामले में, वॉर रूम की शिफ्टिंग थोड़ी ज्यादा जटिल है, क्योंकि इसके ऑपरेशनल कमांड और कम्युनिकेशन लाइनों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करनी है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह पूरी तरह से एक प्रशासनिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड है। इसका शेयर बाजार या किसी भी लिस्टेड कंपनी के नतीजों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। अभी जब तक डिफेंस मिनिस्ट्री का स्थायी कॉम्प्लेक्स पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक मिलिट्री लीडर्स अपने नए ठिकानों और 'कर्तव्य भवन 2' के बीच तालमेल बिठाकर काम करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में अब मुख्य नजर इस बात पर होगी कि नए कम्युनिकेशन सिस्टम कितनी मजबूती से काम करते हैं।
