भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते बढ़त पर बंद हुआ, जिसमें मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में जोरदार खरीदारी हावी रही। डोमेस्टिक संस्थाओं ने **₹12,600 करोड़** से अधिक का निवेश किया, जिससे फॉरेन सेलिंग की भरपाई हो गई और कुल मार्केट वैल्यू में **₹5 लाख करोड़** का इजाफा हुआ।
क्या हुआ?
भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते बढ़त की राह पर रहा। बेंचमार्क इंडेक्स में मामूली तेजी देखी गई, लेकिन ब्रॉडर मार्केट ने कहीं ज्यादा मजबूत momentum दिखाया। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स में 2% का शानदार उछाल आया, वहीं Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.6% चढ़ा। यह ट्रेंड पहली तिमाही के पॉजिटिव बिजनेस अपडेट्स और शांत ग्लोबल माहौल से भी सपोर्टेड रहा, जिससे विभिन्न सेक्टर्स में निवेशकों का sentiment सुधरा।
सेक्टर्स में हलचल और बैंकिंग पर दबाव
मार्केट का प्रदर्शन अलग-अलग सेक्टर्स में मिला-जुला रहा। Nifty Realty इंडेक्स 8% की उछाल के साथ सबसे आगे रहा, जो प्रॉपर्टी से जुड़े स्टॉक्स में नई गतिविधि को दर्शाता है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर्स में भी करीब 3% कीsteady ग्रोथ देखी गई। हालांकि, बैंकिंग सेक्टर पर दबाव साफ दिखा। Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.6% गिरा, जबकि प्राइवेट और जनरल बैंकिंग इंडेक्स में भी मामूली गिरावट आई। यह कमजोरी बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में खास हलचल से जुड़ी थी, जिसमें Bank of Baroda में आई बड़ी गिरावट ने बैंक-हैवी इंडेक्स के ओवरऑल परफॉर्मेंस को खींचा।
इंस्टीट्यूशनल फ्लो और मार्केट लिक्विडिटी
भारतीय बाजार की मजबूती का मुख्य कारण डोमेस्टिक निवेशक रहे। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) इस हफ्ते ₹4,000 करोड़ के आसपास इक्विटी बेचकर नेट सेलर बने रहे। इस फॉरेन आउटफ्लो की भरपाई डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने की, जिन्होंने मार्केट में ₹12,633.54 करोड़ झोंक दिए। इस डोमेस्टिक बाइंग ने BSE-लिस्टेड कंपनियों के टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹5 लाख करोड़ का इजाफा किया, जो मौजूदा मार्केट ट्रेंड को बनाए रखने में लोकल लिक्विडिटी के प्रभाव को दर्शाता है।
टेक्निकल आउटलुक और रेजिस्टेंस लेवल
जैसे-जैसे Nifty ऊपर चढ़ रहा है, यह 23,800 से 24,200 की पिछली कंसॉलिडेशन रेंज से बाहर निकल गया है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब 24,450 से 24,600 के आसपास के लेवल्स पर इंडेक्स के रिएक्शन पर नजर रखेंगे, जिन्हें ऐसे एरियाज माना जा रहा है जहां सेलर्स फिर से सक्रिय हो सकते हैं। नीचे की तरफ, Nifty को 24,150 और 23,900 के आसपास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। Bank Nifty के लिए 57,500 का लेवल महत्वपूर्ण है; इस स्तर से ऊपर बने रहने से 58,700–59,000 की रेंज की ओर संभावित बढ़त मिल सकती है, जबकि इसके नीचे गिरने से ऊपर की ओर momentum में कमी का संकेत मिल सकता है।
निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए
आगे चलकर, फॉरेन और डोमेस्टिक फ्लो के बीच का अंतर एक महत्वपूर्ण मॉनिटरबल रहेगा। हालांकि डोमेस्टिक लिक्विडिटी एक मजबूत बफर रही है, इस रैली की सस्टेनेबिलिटी पॉजिटिव तिमाही नतीजों और बेंचमार्क की तुलना में ब्रॉडर मार्केट की बढ़त बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी। निवेशक इस बात पर नजर रख सकते हैं कि क्या बैंकिंग सेक्टर हालिया अंडरपरफॉर्मेंस से उबर पाएगा या कमजोरी बनी रहेगी, जो इंडेक्स की आगे की बढ़त के लिए एक सीलिंग का काम कर सकती है।
