इंडिया के IPO मार्केट में अब वो 'लिस्टिंग गेन' का ज़माना नहीं रहा! नए स्टॉक्स पर औसतन सिर्फ **4%** का फायदा मिल रहा है, जो पिछले सालों के मुकाबले काफी कम है। अब निवेशक दिखावे की बजाय कंपनी की असल वैल्यू और मजबूती पर दांव लगा रहे हैं।
Detailed Coverage
IPO मार्केट में आया बड़ा बदलाव
भारतीय प्राइमरी मार्केट (Primary Market) में निवेशकों का मिजाज बदल गया है। अब नए स्टॉक्स के लिस्ट होते ही ताबड़तोड़ मुनाफा कमाने का दौर खत्म होता दिख रहा है। 27 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, नए आईपीओ (IPO) पर औसतन लिस्टिंग के दिन सिर्फ 4% का रिटर्न मिला है। यह हाल उन सालों से बिल्कुल अलग है जब 100% से भी ज़्यादा का लिस्टिंग गेन आम बात थी।
फंडामेंटल पर फोकस
निवेशक अब ऊंचे प्रीमियम वाले आईपीओ से कतरा रहे हैं। पिछले कुछ सालों में लिस्टिंग गेन में भारी गिरावट आई है: फाइनेंशियल ईयर 23 में 83% से गिरकर फाइनेंशियल ईयर 24 में 52%, फाइनेंशियल ईयर 25 में 30% और अब फाइनेंशियल ईयर 26 में यह 22% पर आ गया है। 'लिस्टिंग डे यूफोरिया' की रणनीति पीछे छूट रही है और अब निवेशक उन कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं जिनकी कमाई साफ हो, बिजनेस मॉडल टिकाऊ हो और वैल्यूएशन भी सही हो। सेकेंडरी मार्केट की उथल-पुथल ने निवेशकों को और भी सतर्क बना दिया है, वे अब नई कंपनियों के लिए मोटा पैसा देने को तैयार नहीं हैं।
हालिया IPOs का प्रदर्शन
इस साल मार्केट बंटा हुआ दिख रहा है। 33 मेनबोर्ड कंपनियों ने ₹27,430 करोड़ जुटाए हैं, लेकिन नतीजे मिले-जुले रहे। 17 कंपनियों ने लिस्टिंग पर अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं 16 कंपनियां इश्यू प्राइस से नीचे खुलीं। हालांकि, लिस्टिंग के बाद के प्रदर्शन को देखें तो तस्वीर थोड़ी बेहतर है; इनमें से 24 कंपनियां अभी भी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रही हैं। इसका मतलब है कि अच्छी फाइनेंशियल हेल्थ वाली कंपनियों को बाजार आखिर में पुरस्कृत कर ही रहा है, भले ही शुरुआत थोड़ी धीमी हो।
लिस्टिंग के दिन Bharat Coking Coal 76.78% चढ़कर और Kusumgar 44.26% बढ़कर सुर्खियों में रहे। दूसरी ओर, Shree Ram Twistex 29.38% गिरी, वहीं Innovision और Clean Max Enviro Energy Solutions को भी नुकसान उठाना पड़ा।
पाइपलाइन और भविष्य की राह
बाजार ठंडा होने के बावजूद, प्राइमरी मार्केट में हलचल बनी हुई है। 249 कंपनियों के पास ₹5 लाख करोड़ जुटाने की मंजूरी है। Jio Platforms, National Stock Exchange और PhonePe जैसी बड़ी कंपनियां भविष्य में लिस्ट हो सकती हैं। अगले कुछ हफ्तों पर सबकी निगाहें हैं, क्योंकि अगले महीने करीब 17 कंपनियां ₹36,000 करोड़ जुटाने के लिए आईपीओ ला सकती हैं।
Manipal Health Enterprises, Zepto और Juniper Green Energy जैसे बड़े नामों के आईपीओ से पता चलेगा कि प्राइमरी मार्केट में फिर से जान आती है या नहीं। इन आईपीओ की सफलता बड़े पैमाने पर उनकी कीमत और निवेशकों को लॉन्ग-टर्म वैल्यू समझाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
