मार्जिन प्रेशर: आने वाले नतीजों के लिए सबसे बड़ा फैक्टर
आने वाली कंपनियों की कमाई के नतीजों में, सिर्फ रेवेन्यू ग्रोथ ही नहीं, बल्कि ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। ब्रेंट क्रूड के $105 प्रति बैरल के करीब पहुँचने और भारतीय रुपये का डॉलर के मुकाबले 96.00 के आसपास रहने से, घरेलू निर्माताओं को इनपुट लागत में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। Asian Paints जैसी कंपनियाँ, जो क्रूड-आधारित सामग्री का इस्तेमाल करती हैं, दबाव में हैं। पिछले क्वार्टर में, ये कंपनियाँ बढ़ी हुई लागत ग्राहकों पर डाल सकती थीं। लेकिन, उपभोक्ता खर्च में सुस्ती के कारण, उन्हें अब ज़्यादा लागत खुद झेलनी पड़ सकती है, जिससे रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद नेट प्रॉफिट कम हो सकता है।
