Tourism Sector Update: प्री-पेंडेमिक पीक से पीछे है भारत, विदेशी पर्यटकों की कमी से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर दबाव

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tourism Sector Update: प्री-पेंडेमिक पीक से पीछे है भारत, विदेशी पर्यटकों की कमी से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर दबाव

भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या में सुस्ती बनी हुई है। साल **2026** में भी यह आंकड़ा **2025** के स्तर से नीचे रहने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह बढ़ती यात्रा लागत और जियोपॉलिटिकल तनाव है।

भारत का टूरिज्म सेक्टर अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पाया है। अनुमानों के मुताबिक, साल 2026 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 8 मिलियन से 9 मिलियन के बीच रहने की उम्मीद है। यह न केवल 2025 के 9.15 मिलियन के आंकड़े से कम है, बल्कि 2019 में दर्ज किए गए 10.9 मिलियन के प्री-पेंडेमिक पीक से भी काफी दूर है।

ग्लोबल विवाद और हवाई किराया

यूक्रेन और ईरान में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव ने एविएशन इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से जेट फ्यूल महंगा हो गया है, जिससे इंटरनेशनल एयरफेयर में भारी उछाल आया है। इसके कारण बजट के प्रति संवेदनशील विदेशी पर्यटक भारत की जगह सस्ते विकल्पों को चुन रहे हैं।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए चुनौती

इन्वेस्टर्स के लिए यह एक चिंता का विषय है। हालांकि डोमेस्टिक टूरिज्म मजबूत है, लेकिन प्रीमियम होटल चेन अपनी प्राइसिंग पावर बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों पर निर्भर रहती हैं। Indian Hotels Company जैसे प्लेयर्स के लिए विदेशी पर्यटकों की कमी का मतलब है कि वे अपने 'एवरेज रेवेन्यू पर रूम' (ARR) में बड़ी बढ़ोतरी नहीं कर पा रहे हैं। अगर विदेशी पर्यटकों की संख्या में सुधार नहीं हुआ, तो होटलों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि उन्हें केवल स्थानीय मांग पर निर्भर रहना पड़ेगा।

वीजा अड़चनें और उम्मीदें

Federation of Associations in Indian Tourism and Hospitality ने जटिल वीजा प्रक्रियाओं, विशेष रूप से चीन जैसे देशों के लिए, को एक बड़ी बाधा बताया है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में कूटनीतिक प्रगति से वीजा संबंधी अड़चनें कम हो सकती हैं। मार्केट की नजरें अब बड़ी होटल कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर टिकी हैं, जो यह बताएगी कि क्या विदेशी मेहमानों की संख्या में कोई रिकवरी दिख रही है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.