Ministry of Road Transport and Highways ने SARATHI पोर्टल के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं को डिजिटल बनाने का प्रस्ताव रखा है। अब आधार (Aadhaar) ऑथेंटिकेशन पर फीस में छूट मिलेगी और आवेदनों के निपटारे के लिए **15 दिन** की डेडलाइन तय की गई है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसका मुख्य मकसद लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है, ताकि आम नागरिकों को RTO के चक्कर न काटने पड़ें।
डिजिटल सेवाओं पर जोर और फीस में राहत
सरकार का पूरा फोकस SARATHI पोर्टल के इस्तेमाल को बढ़ाने पर है। अगर आप आधार-ऑथेंटिकेटेड सेवाओं का विकल्प चुनते हैं, तो आपको फीस में छूट दी जा सकती है। इससे न केवल बार-बार फॉर्म भरने की झंझट खत्म होगी, बल्कि सिस्टम भी आधुनिक बनेगा।
क्या है 15 दिन का नया नियम?
सरकारी दफ्तरों में होने वाली देरी को कम करने के लिए सरकार ने सख्त डेडलाइन तय की है। व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की रिक्वेस्ट को 15 दिन के भीतर प्रोसेस करना होगा। सबसे बड़ा बदलाव 'डीम्ड अप्रूवल' का है—अगर एड्रेस अपडेट की रिक्वेस्ट पर 30 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वह अपने आप स्वीकृत (Approved) मानी जाएगी।
सुरक्षा और कागजी नियमों में सख्ती
सरकार ने ड्राइविंग टेस्ट के मानकों को और कड़ा करने का फैसला किया है। अब सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल में पास होने के लिए पासिंग मार्क्स को 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। साथ ही, आवेदकों के लिए कम से कम 30 मिनट का ट्यूटोरियल देखना अनिवार्य होगा।
कागजों की बात करें तो LIC पॉलिसी डॉक्युमेंट को अब पते के प्रमाण (Residential Proof) के तौर पर नहीं माना जाएगा। हालांकि, पिछले 3 महीने के बिजली या गैस बिल मान्य रहेंगे। फिलहाल, सरकार ने इन प्रस्तावों पर जनता से 30 दिन के भीतर सुझाव मांगे हैं।
