सोना हुआ 15% महंगा! वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ₹4000 Cr से ज़्यादा के ऑर्डर, शेयर बाज़ार में हलचल!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
सोना हुआ 15% महंगा! वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ₹4000 Cr से ज़्यादा के ऑर्डर, शेयर बाज़ार में हलचल!
Overview

भारत सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी (Customs Duty) को **6%** से बढ़ाकर **15%** कर दिया है। इस फैसले से ज्वेलरी (Jewellery) डिमांड पर असर पड़ने की आशंका है, लेकिन दूसरी ओर मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जोरदार तेज़ी देखी जा रही है।

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सोने पर ड्यूटी बढ़ी, इंपोर्ट पर असर

देश में सोने और चांदी के आयात को काबू करने और विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव कम करने के लिए, भारत सरकार ने कस्टम ड्यूटी में भारी इज़ाफ़ा किया है। अब सोना-चांदी खरीदने वालों को 6% के बजाय 15% कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी। इस बढ़ोत्तरी से इंपोर्ट (Import) महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिखेगा। माना जा रहा है कि इससे आम खरीदारों, खासकर जो कीमत को लेकर ज़्यादा संवेदनशील हैं, उनकी मांग में कमी आ सकती है। ज़्यादा ड्यूटी होने से सोने की तस्करी (Smuggling) बढ़ने का भी ख़तरा है। Titan Company Ltd. (मार्केट कैप: ₹3,60,024 Cr) और Rajesh Exports Ltd. (मार्केट कैप: ₹3,285.10 Cr) जैसी बड़ी ज्वेलरी कंपनियों पर भी इसका असर दिख सकता है, क्योंकि खरीदार गैर-ज़रूरी खरीदारी से कतरा सकते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऑर्डर्स की बहार

एक तरफ जहां सोने की डिमांड पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देश का मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) और इंडस्ट्रियल (Industrial) सेक्टर नई ऊंचाइयां छू रहा है। नए ऑर्डर्स (Orders) की बौछार से यह सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। Alfa Transformers को ₹8.15 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जबकि Interarch Building Solutions ने ₹102 करोड़ का स्टील बिल्डिंग ऑर्डर हासिल किया है। Chiraharit को भी ₹1.49 करोड़ का ऑर्डर मिला है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) ग्रोथ Q2 FY26 में 9.13% रहा, जो अर्थव्यवस्था की मज़बूती दिखाता है। सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर ज़ोर भी इसे और मज़बूत कर रहा है, जिसके लिए बजट 2026-27 में रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।

कंपनियों की बड़ी डील्स

कंपनियों की बात करें तो Texmaco Rail and Engineering Ltd. (मार्केट कैप: ₹4,301 Cr, P/E: 27.6) को साउथ अफ्रीका की एक कंपनी से ₹4,045 करोड़ से ज़्यादा का एक बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर मालगाड़ी वैगन (Freight Wagons) और लोकोमोटिव (Locomotives) की सप्लाई के लिए है, जो कंपनी की ग्लोबल पहचान को बढ़ाता है। वहीं, देश के अंदर Active Clothing Co. (मार्केट कैप: ₹218 Cr, P/E: 18.1) छोटे शहरों (Tier 2 और Tier 3) पर दांव लगा रही है। कंपनी NUEMO नाम से एक मल्टी-ब्रांड रिटेल प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रही है, जिसका लक्ष्य अगले चार सालों में ₹200–250 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) हासिल करना है। यह कदम इन छोटे शहरों में बढ़ती कंज्यूमर मार्केट (Consumer Market) को भुनाने की कोशिश है।

मज़बूत ग्रोथ के बीच जोखिम

हालांकि, इन तेज़ियों के बीच कुछ चुनौतियां भी हैं। सोने पर बढ़ी ड्यूटी से तस्करी बढ़ सकती है। वहीं, Texmaco Rail and Engineering Ltd. जैसे बड़े इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में सप्लाई चेन (Supply Chain), भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारणों और प्रोजेक्ट में देरी का ख़तरा बना रहता है। कच्चे माल (Input Costs) की बढ़ती कीमतें भी मैन्युफैक्चरर्स की प्रॉफिट (Profit) मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। Active Clothing Co. के लिए, छोटे शहरों में NUEMO की सफलता एग्जीक्यूशन (Execution) पर निर्भर करेगी। कुल मिलाकर, ज्वेलरी सेक्टर को ड्यूटी हाइक से झटका लग सकता है, जबकि मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी सपोर्ट के चलते मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर में ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। FY27 में इकोनॉमी (Economy) के 6.8-7.2% की दर से बढ़ने का अनुमान है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.