ISI-लिंक्ड टेरर नेटवर्क का सफाया: 14 राज्यों में 200 से ज़्यादा की गिरफ्तारी

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AuthorNeha Patil|Published at:
ISI-लिंक्ड टेरर नेटवर्क का सफाया: 14 राज्यों में 200 से ज़्यादा की गिरफ्तारी

भारतीय सुरक्षा बलों ने एक बड़े पाकिस्तान-समर्थित टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें 14 राज्यों में **200** से ज़्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है। रियल-टाइम इंटेलिजेंस के ज़रिए चलाए गए इस ऑपरेशन ने स्वतंत्रता दिवस से पहले होने वाले हमलों की साज़िश को नाकाम कर दिया है।

देश में बड़ा टेरर नेटवर्क हुआ खात्मा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को बताया कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित, ISI-समर्थित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' नामक एक बड़े आतंकवादी सिंडिकेट का पूरी तरह से सफाया कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले हुए इस बड़े ऑपरेशन के तहत, देश भर में एक साथ हुई कार्रवाई में 200 से ज़्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 253 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

14 राज्यों में फैली थी साज़िश

यह ऑपरेशन 12 अगस्त, 2026 को 14 राज्यों में चलाया गया, जिनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे प्रमुख राज्य शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों ने रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की। इस नेटवर्क के इंफ्रास्ट्रक्चर को खास तौर पर निशाना बनाया गया ताकि आने वाले समय में किसी भी तरह की साज़िश को शुरू होने से पहले ही रोका जा सके। इसमें पुलिस स्टेशनों और रक्षा प्रतिष्ठानों जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हमले की योजनाएं शामिल थीं।

हथियारों और जासूसी उपकरणों का जखीरा बरामद

छापेमारी के दौरान, सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और जासूसी उपकरण बरामद किए हैं। इनमें इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs), पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले हैंड ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और रेकी के लिए इस्तेमाल किए गए CCTV कैमरे शामिल हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) इस मामले की जांच कर रही है और बरामद सबूतों का विश्लेषण कर रही है ताकि नेटवर्क के बड़े ऑपरेशंस का पता लगाया जा सके।

NIA की जांच के दायरे में पुराने मामले

देश भर में कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है, जिसके तहत 80 से ज़्यादा फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट्स (FIRs) दर्ज की गई हैं। इनमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम और नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों (NDPS) अधिनियम जैसे कड़े कानून शामिल हैं। NIA खास तौर पर मार्च 2025 में जालंधर में हुए ग्रेनेड हमले और 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में हरियाणा के सिरसा और अंबाला में पुलिस स्टेशनों पर हुए विस्फोटों जैसे पिछले मामलों की भी जांच कर रही है।

आर्थिक मोर्चे पर स्थिरता का महत्व

आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने की राष्ट्रीय एजेंसियों की क्षमता देश के व्यापारिक माहौल के लिए एक अहम फैक्टर है। एक सुरक्षित घरेलू परिदृश्य व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करता है, जो लंबी अवधि के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक हैं। निवेशक अक्सर इन घटनाओं पर नज़र रखते हैं ताकि सरकार की व्यवस्था बनाए रखने और ऐसी किसी भी रुकावट को रोकने की क्षमता का अंदाज़ा लगा सकें जो क्षेत्रीय व्यापार और निवेश गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

आगे की जांच

ऑपरेशन का अगला चरण NIA द्वारा गहन जांच का होगा। एजेंसी बरामद सामग्री का विश्लेषण करेगी और गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ करके भारत में नेटवर्क की पहुंच का पता लगाएगी। जांच जारी रहने के साथ ही इन मामलों की प्रगति और किसी भी संभावित विदेशी हैंडलर के साथ जुड़ाव पर और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.