India Defence Capex: FY30 तक ₹2.8 लाख करोड़ के पार पहुँच सकता है खर्च, जानें पूरी Details

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Defence Capex: FY30 तक ₹2.8 लाख करोड़ के पार पहुँच सकता है खर्च, जानें पूरी Details

भारत का रक्षा पूंजीगत खर्च (Defence Capex) अगले 6 सालों में 11% की सालाना दर से बढ़कर FY30 तक ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। मेक इन इंडिया (Make in India) और एक्सपोर्ट (Export) में बढ़त इस सेक्टर के लिए बड़ा बूस्ट है, लेकिन निवेशकों को स्टॉक के हाई वैल्यूएशन (Valuation) पर ध्यान देना होगा।

डिफेंस सेक्टर में बंपर ग्रोथ का अनुमान

भारत का डिफेंस सेक्टर (Defence Sector) जबरदस्त ग्रोथ के लिए तैयार है। अनुमान है कि कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) FY30 तक 11% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगी। इस बढ़ोतरी के साथ, सालाना कैपिटल आउटले (Capital Outlay) ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है। यह बड़ा बदलाव सरकार की विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम करने की नीति का नतीजा है। डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर (Defence Acquisition Procedure) 2020 जैसी नीतियां, जो नए ऑर्डर्स में कम से कम 50% डोमेस्टिक कंटेंट (Domestic Content) अनिवार्य करती हैं, इस बदलाव के पीछे की मुख्य वजह हैं। हाल के सालों में डोमेस्टिक प्रोक्योरमेंट (Domestic Procurement) का हिस्सा FY19 के 54% से बढ़कर 70% से ऊपर पहुँच गया है।

एक्सपोर्ट टारगेट और ड्रोन टेक्नोलॉजी

घरेलू जरूरतों के अलावा, भारतीय मैन्युफैक्चरर्स (Manufacturers) इंटरनेशनल मार्केट्स में भी सफलता पा रहे हैं। पिछले एक दशक में डिफेंस एक्सपोर्ट (Defence Exports) में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, और FY2029 तक सालाना ₹50,000 करोड़ के एक्सपोर्ट का टारगेट रखा गया है। अमेरिका अभी भी सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन यूरोप और आर्मेनिया जैसे देश भारतीय प्लेटफॉर्म्स के महत्वपूर्ण खरीदार बनकर उभरे हैं। साथ ही, अब फोकस मॉडर्न टेक्नोलॉजी, खासकर ड्रोन (Drones) की तरफ शिफ्ट हो रहा है। अनुमान है कि भारत अगले दस सालों में ड्रोन बेड़े (Drone Fleets) और काउंटर-ड्रोन सिस्टम (Counter-drone Systems) में भारी निवेश करेगा।

आधुनिकीकरण और ऑर्डर पाइपलाइन

भारत वर्तमान में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है, जिसका सालाना बजट लगभग $84 बिलियन है। पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) को आधुनिक बनाने और सामरिक तैयारी बनाए रखने के प्रयासों के चलते, एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (Acceptance of Necessity) अप्रूवल्स की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। यह पाइपलाइन बताती है कि FY2027 और FY2029 के बीच ₹6.5 लाख करोड़ से ₹7 लाख करोड़ के नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है। ऑर्डर बुक में यह विजिबिलिटी (Visibility) डोमेस्टिक डिफेंस कंपनियों के ग्रोथ आउटलुक (Growth Outlook) को सपोर्ट करने वाला एक बड़ा फैक्टर है।

निवेशकों के लिए वैल्यूएशन और मार्जिन की स्थिति

निवेशकों को डिफेंस स्टॉक्स (Defence Stocks) के मौजूदा वैल्यूएशन माहौल से अवगत रहना चाहिए। भारतीय डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स फिलहाल 50x के वन-ईयर फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, जो ग्लोबल एवरेज 28x से काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन 26% की अनुमानित डोमेस्टिक रेवेन्यू ग्रोथ रेट (Revenue Growth Rate) से समर्थित है, जो 11% ग्लोबल सेक्टर एवरेज से कहीं आगे है। FY21 और FY26 के बीच कंपनियों ने अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (Operating Profit Margins) को 500 बेसिस पॉइंट्स (Basis Points) तक बढ़ाकर लगभग 25% कर लिया है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मार्जिन में यह बढ़ोतरी इंटरनेशनल प्लेयर्स की तुलना में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर अपेक्षाकृत कम खर्च से भी जुड़ी है। इन मार्जिन्स की सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) और कंपनियों की बड़ी अनुमानित ऑर्डर पाइपलाइन को पूरा करने की क्षमता निवेशकों के लिए आने वाले समय में महत्वपूर्ण मॉनिटर करने योग्य बातें होंगी।

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