IT Firms में बढ़ रहा रिक्रूटमेंट स्कैम का खतरा, कंपनियों ने टाइट की अपनी सुरक्षा व्यवस्था

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IT Firms में बढ़ रहा रिक्रूटमेंट स्कैम का खतरा, कंपनियों ने टाइट की अपनी सुरक्षा व्यवस्था

भारत की दिग्गज IT कंपनियों के लिए रिक्रूटमेंट फ्रॉड एक बड़ी चुनौती बन गया है। जालसाज नामी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर नौकरी दिलाने के बदले ठगी कर रहे हैं, जिससे कंपनियों को अब डिजिटल हायरिंग प्रोसेस को और अधिक सुरक्षित बनाने की जरूरत है।

भारत के आईटी (IT) सेक्टर में पिछले कुछ समय में जॉब फ्रॉड के मामलों में काफी उछाल आया है। जालसाज बड़ी कंपनियों के नाम का सहारा लेकर नौकरी चाहने वाले युवाओं से पैसा वसूल रहे हैं या उनकी पर्सनल जानकारी चुरा रहे हैं। चूँकि अब रिक्रूटमेंट पूरी तरह से ऑनलाइन हो चुका है, इसलिए ठगों के लिए उम्मीदवारों को निशाना बनाना और आसान हो गया है।

कंपनियों के लिए बढ़ता ऑपरेशनल रिस्क

यह समस्या अब केवल एचआर (HR) तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनियों के ऑपरेशनल रिस्क का हिस्सा बन गई है। कंपनियों को अब कैंडिडेट्स की वेरिफिकेशन के लिए अधिक संसाधन खर्च करने पड़ रहे हैं। अगर किसी कंपनी से जुड़े फ्रॉड के मामले बार-बार सामने आते हैं, तो अच्छे टैलेंट का उस कंपनी में आने का भरोसा डगमगा जाता है, जिससे भर्ती प्रक्रिया धीमी हो सकती है और टैलेंट एक्विजिशन की लागत भी बढ़ सकती है।

सिक्योरिटी और ब्रांड इंटीग्रिटी पर फोकस

अब कंपनियां अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर रही हैं, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि वे भर्ती या ट्रेनिंग के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं लेती हैं। यह बदलाव दिखाता है कि अब हायरिंग एक डिजिटल सिक्योरिटी और ब्रांड इमेज का मुद्दा बन गया है। कंपनियां अब अपने रिक्रूटमेंट फनल को सुरक्षित करने के लिए प्रोएक्टिव कदम उठा रही हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

निवेशकों के नजरिए से देखें, तो हालांकि रिक्रूटमेंट फ्रॉड से सीधे बैलेंस शीट पर बड़ा असर नहीं पड़ता, लेकिन कंपनियों का ध्यान और पूंजी अब साइबर सुरक्षा की ओर शिफ्ट हो रही है। यदि ये फ्रॉड समय रहते नहीं रुके, तो भर्ती की प्रशासनिक लागत (Administrative cost) बढ़ सकती है। आने वाले समय में यह देखना जरूरी होगा कि कंपनियां अपने डिजिटल हायरिंग चैनलों को कैसे सुरक्षित रखती हैं, क्योंकि यही कंपनी की ऑपरेशनल रेजिलिएंस का अहम हिस्सा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.