सरकार IRFC में अपनी **2%** हिस्सेदारी ₹91 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेच रही है। वहीं, भारतीय शेयर बाजार Delhivery में **₹208 करोड़** के ब्लॉक डील, Yes Bank की बोर्ड मीटिंग और Honasa Consumer के अपडेट पर भी नजर बनाए हुए हैं।
क्या हुआ
24 जून 2026 को भारतीय बाजारों में कई अहम कॉर्पोरेट डेवलपमेंट देखने को मिल रहे हैं। सरकार ने इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया है, जिसका फ्लोर प्राइस ₹91 प्रति शेयर तय किया गया है। इसी बीच, निवेशक Delhivery में एक बड़े ब्लॉक डील, Yes Bank की फंड जुटाने की योजनाओं और Honasa Consumer के नए अधिग्रहण पर भी नजर रख रहे हैं। सरकारी निर्देशों और फंड जुटाने की गतिविधियों के चलते कई यूटिलिटी और एनर्जी सेक्टर की कंपनियां भी खबरों में हैं।
IRFC की हिस्सेदारी बिक्री
सरकार का OFS के जरिए IRFC में 2% हिस्सेदारी बेचने का फैसला शेयरधारकों के लिए एक अहम घटना है। OFS एक ऐसा जरिया है जिसका इस्तेमाल लिस्टेड कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज के जरिए प्रमोटरों की हिस्सेदारी बेचने या कम करने के लिए करती हैं। ₹91 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस इस बिक्री के लिए एक बेंचमार्क तय करता है। निवेशक आमतौर पर ऐसी घटनाओं पर नजर रखते हैं क्योंकि ये बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ाते हैं, जिससे मांग के आधार पर स्टॉक की कीमत पर अस्थायी असर पड़ सकता है।
Delhivery का ब्लॉक डील
लॉजिस्टिक्स फर्म Delhivery, Nexus Venture Partners से जुड़े एक ब्लॉक डील के बाद सुर्खियों में है। निवेशक ने ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन में 43 लाख से ज्यादा शेयर बेचे, जिनका मूल्य लगभग ₹208 करोड़ था। इतने बड़े ब्लॉक डील अक्सर स्टॉक की कीमत में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव का कारण बनते हैं, क्योंकि बाजार सप्लाई को सोखने की कोशिश करता है। ऐसे ट्रांजैक्शन मौजूदा संस्थागत निवेशकों द्वारा अपनी होल्डिंग को एडजस्ट करने का संकेत देते हैं।
कॉर्पोरेट रणनीति और विस्तार
Yes Bank का बोर्ड फंड जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा के लिए 29 जून को बैठक करने वाला है। बैंक की वित्तीय रणनीति, खासकर उसकी पूंजी आधार को लेकर, निवेशकों के लिए एक अहम फोकस बनी हुई है। वहीं, Honasa Consumer ने ₹135 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर Fluence Pharma में 58% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। यह डील कंपनी के प्रोडक्ट फुटप्रिंट का विस्तार करने के इरादे को दर्शाती है।
एनर्जी और यूटिलिटी अपडेट्स
एनर्जी सेक्टर में, पावर मिनिस्ट्री ने Tata Power को सितंबर तक अपने मुंद्रा प्लांट को 4,150 MW की पूरी क्षमता पर चालू रखने का निर्देश दिया है। यह कदम स्थिर बिजली आपूर्ति का समर्थन करने के लिए है। इसके अलावा, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने $300 मिलियन के अमेरिकी डॉलर-डिनॉमिनेटेड बॉन्ड के जरिए सफलतापूर्वक फंड जुटाया है, जिससे कंपनी को अपने फाइनेंसिंग ऑपरेशंस के लिए विदेशी पूंजी तक पहुंच मिली है। NLC इंडिया और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए एक संयुक्त उद्यम भी बनाया है।
वित्तीय समावेशन पहल
Swiggy, Zerodha Fund House के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू कर रहा है। इस प्रोग्राम के तहत डिलीवरी पार्टनर्स अपनी कमाई का एक हिस्सा कंपनी के ऐप के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे, जिसका मकसद कार्यबल के बीच वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देना है।
आगे क्या देखना है
IRFC हिस्सेदारी बिक्री पर बाजार की प्रतिक्रिया संस्थागत निवेशकों से मिलने वाली सब्सक्रिप्शन पर निर्भर करेगी। Delhivery के लिए, फोकस इस बात पर रहेगा कि क्या ब्लॉक डील के बाद स्टॉक स्थिर होता है। निवेशक 29 जून को Yes Bank की बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर भी नजर रख सकते हैं, क्योंकि फंड जुटाने के फैसले अक्सर इक्विटी डाइल्यूशन और वित्तीय स्वास्थ्य के निहितार्थ रखते हैं।
