IRCTC: दिवाली की बुकिंग में 'REGRET' का संकट, कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफे पर लगा ब्रेक

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
IRCTC: दिवाली की बुकिंग में 'REGRET' का संकट, कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफे पर लगा ब्रेक

दिवाली और छठ की भीड़ के कारण IRCTC पोर्टल पर 'REGRET' स्टेटस की बाढ़ आ गई है। कंपनी ने Q1 FY27 में **18.1%** रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है, लेकिन स्थिर नेट प्रॉफिट और रेगुलेटरी जुर्माने ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

दिवाली और छठ पूजा के लिए रिजर्वेशन विंडो खुलते ही IRCTC का पोर्टल दबाव में है। दिल्ली-पटना जैसे प्रमुख रूटों पर बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में अधिकांश क्लास में 'REGRET' का स्टेटस दिखने लगा है। यह इस बात का प्रमाण है कि रेल यात्रा की मांग और मौजूदा क्षमता के बीच का फासला लगातार बढ़ रहा है।

वित्तीय प्रदर्शन पर नजर (Financial Performance)

कंपनी की कमाई में तो उछाल आया है, लेकिन मुनाफा वैसा नहीं बढ़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में IRCTC का रेवेन्यू ₹1,370 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹330 करोड़ पर स्थिर बना हुआ है। इसका मुख्य कारण बढ़ते ऑपरेशनल खर्च हैं, जो मुनाफे को निगल रहे हैं।

मार्जिन पर दबाव और सरकारी जुर्माना

जून तिमाही में EBITDA मार्जिन 28.17% के आसपास रहा। यह दबाव कैटरिंग खर्चों और Next Generation E-Ticketing (NGET) इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए किए गए भारी निवेश के कारण है। इसके अलावा, गवर्नेंस से जुड़ी दिक्कतों के चलते BSE और NSE ने कंपनी पर ₹10.23 लाख का जुर्माना भी लगाया है। प्रशासनिक खामियों के कारण शेयर पर दबाव है और यह ₹470 के आसपास ट्रेड कर रहा है।

आगे की राह

निवेशकों की नजरें अब 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 27वीं AGM पर टिकी हैं। साथ ही, 22 सितंबर, 2026 डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की गई है। मैनेजमेंट मार्जिन के दबाव को कैसे कम करेगा और कंप्लायंस में कैसे सुधार लाएगा, यह आने वाले समय में स्टॉक की चाल तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.