IPO मार्केट में आज दो कंपनियों के पब्लिक ऑफर सामने आए, लेकिन निवेशकों का रुख बिल्कुल अलग रहा। Susan Electricals के IPO को पहले ही दिन **5.1 गुना** सब्सक्रिप्शन मिला, वहीं Utkal Speciality Industries का ऑफर दूसरे दिन भी **83%** ही भर पाया। जानिए क्यों दिख रहा है यह अंतर।
क्या हुआ?
आज भारतीय IPO मार्केट में दो कंपनियों के पब्लिक ऑफर खुले और दोनों को बिल्कुल अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिलीं। Susan Electricals India, जो इलेक्ट्रिकल वायर और केबल बनाती है, ने 11 जून को मजबूत शुरुआत की। कंपनी का IPO पहले ही दिन 5.1 गुना सब्सक्राइब हो गया। खासकर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 7.01 गुना सब्सक्रिप्शन देखा गया। इसके बिल्कुल विपरीत, Utkal Speciality Industries, जो कागज-आधारित पैकेजिंग मटेरियल बनाती है, को धीमी प्रतिक्रिया मिल रही है। बोली लगने के दूसरे दिन तक, इसका इश्यू केवल 83% ही सब्सक्राइब हो पाया, जो निवेशकों की कम रुचि को दर्शाता है।
Susan Electricals पर क्यों मेहरबान हैं निवेशक?
Susan Electricals की मजबूत शुरुआत की एक बड़ी वजह एंकर निवेशकों का भरोसा है। पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी ने Motilal Oswal Finvest और Sageone जैसे एंकर निवेशकों से ₹19.34 करोड़ जुटाए थे। निवेशक कंपनी की गाजियाबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार की योजनाओं पर खास ध्यान दे रहे हैं, जिसमें ₹10.29 करोड़ खर्च होंगे। इसके अलावा, कंपनी ₹33 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए आवंटित कर रही है। इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स के क्षेत्र में काम करने वाली यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन ग्रोथ से जुड़ी है, ऐसे में निवेशक इसकी क्षमता विस्तार की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं।
Utkal Speciality की राह में मुश्किलें
Utkal Speciality Industries, जो ₹34.5 करोड़ जुटाना चाहती है, वह वैसी हलचल पैदा नहीं कर पाई है। कंपनी फंड्स का एक बड़ा हिस्सा ₹11 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹9.6 करोड़ में ओडिशा के खुर्दा में नई फैसिलिटी के लिए मशीनरी खरीदने में इस्तेमाल करना चाहती है। मौजूदा बाजार में, निवेशक अक्सर उन कंपनियों को प्राथमिकता देते हैं जो IPO फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से क्षमता विस्तार या नई ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के लिए करती हैं। कर्ज चुकाने पर अधिक जोर, जैसा कि इस इश्यू में दिख रहा है, कभी-कभी रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों द्वारा सावधानी से देखा जाता है, खासकर अगर इससे तत्काल राजस्व वृद्धि का संकेत न मिले।
मार्केट सेंटिमेंट की तुलना
मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि Susan Electricals लगभग 30% के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रही है, जो निवेशकों के ऊंचे भरोसे को दिखाता है। वहीं, Utkal Speciality का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 15-20% है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनुमानित और अनौपचारिक होते हैं, और यह लिस्टिंग वाले दिन स्टॉक के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते। सब्सक्रिप्शन लेवल में यह अंतर बताता है कि बाजार वर्तमान में Utkal Speciality की तुलना में Susan Electricals के बिजनेस मॉडल या ग्रोथ स्ट्रेटेजी को अधिक पसंद कर रहा है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
Susan Electricals के लिए, मुख्य फोकस यह देखना होगा कि क्या पहले दिन की यह तेजी इश्यू बंद होने (15 जून) तक जारी रहती है। निवेशकों को फाइनल सब्सक्रिप्शन नंबर्स पर नजर रखनी चाहिए, खासकर यह देखने के लिए कि क्या इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की रुचि बनी रहती है, क्योंकि यह अक्सर कंपनी की लॉन्ग-टर्म बिजनेस प्लान में विश्वास का संकेत देता है। Utkal Speciality, जिसका इश्यू 12 जून को बंद हो रहा है, के लिए मुख्य बात यह होगी कि क्या कंपनी अपने आखिरी दिन सब्सक्रिप्शन गैप को भर पाती है। निवेशकों को दोनों फर्मों के जोखिम कारकों पर भी ध्यान देना चाहिए, जैसे इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स के लिए कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पैकेजिंग सेक्टर में संभावित डिमांड साइकल, जो भविष्य के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
