INDIA गठबंधन ने चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ एक प्रतीकात्मक यानी 'मॉक महाभियोग' (Mock Impeachment) प्रक्रिया शुरू की है। यह विरोध प्रदर्शन इलेक्टोरल रोल्स में कथित अनियमितताओं को लेकर किया जा रहा है और इसे **1 नवंबर** को होने वाली बड़ी रैली से पहले एक बड़ी रणनीति माना जा रहा है।
INDIA गठबंधन, जिसमें 21 विपक्षी पार्टियां शामिल हैं, ने चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ एक प्रतीकात्मक महाभियोग प्रक्रिया शुरू की है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge के आवास पर आयोजित इस इवेंट की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर Meira Kumar कर रही हैं। इसमें लगभग 30 प्रमुख विपक्षी वक्ता शामिल हैं।
विरोध की असली वजह क्या है?
यह पूरा विवाद 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) एक्सरसाइज में कथित अनियमितताओं को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से समझौता किया जा रहा है। इस 'मॉक पार्लियामेंट' के जरिए विपक्ष 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले अपनी बात को मजबूती से जनता के बीच रखना चाहता है।
सरकार का कड़ा रुख
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने विपक्ष की तुलना उस टीम से की है जो हार के बाद अंपायर पर आरोप लगाती है। लखनऊ में एक बैठक के दौरान उन्होंने विपक्ष को संसद के पटल पर चर्चा करने की चुनौती दी और कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए भी तैयार है।
बाजार पर इसका असर
इन्वेस्टर्स के नजरिए से देखें तो देश में बढ़ती सियासी खींचतान अक्सर मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित करती है। हालांकि इसका कंपनियों के बैलेंस शीट पर सीधा असर नहीं होता, लेकिन नीतिगत निर्णयों में देरी या लेजिस्लेटिव गतिरोध जैसी आशंकाएं बनी रहती हैं। बाजार के जानकारों की नजर अब 1 नवंबर की रैली पर टिकी है, जिससे पता चलेगा कि आने वाले दिनों में संसद और सरकार के बीच का टकराव कितना और बढ़ सकता है।
