India Meteorological Department (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम को लेकर चेतावनी जारी की है। यह सिस्टम सोमवार तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, जिससे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल विशाखापत्तनम से 775 किमी दूर है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। सोमवार तक इसके गंभीर रूप लेने की संभावना है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इकोनॉमिक एक्टिविटी पर असर
निवेशकों के लिए इस चक्रवात का असर उन सेक्टरों पर पड़ सकता है जो पूर्वी तट पर स्थित हैं। आंध्र प्रदेश कृषि कमोडिटी जैसे धान और मिर्च का बड़ा केंद्र है। इसके अलावा, यहाँ की झींगा पालन (shrimp farming) इंडस्ट्री भी बड़े पैमाने पर फैली है। कुछ मॉडल्स के अनुसार, यहाँ 20 सेमी से अधिक बारिश हो सकती है, जो फसल और मछली पालन के लिए गंभीर खतरा है।
पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां
इस क्षेत्र में विशाखापत्तनम पोर्ट और काकीनाडा पोर्ट जैसे प्रमुख केंद्र हैं। खराब मौसम के कारण लोडिंग-अनलोडिंग का काम रोकना पड़ सकता है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित होगी और कार्गो की आवाजाही में देरी हो सकती है।
पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर का रिस्क
तेज हवाएं और भारी बारिश ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे ग्रिड आउटेज का खतरा बना रहता है। यूटिलिटी कंपनियों के लिए मेंटेनेंस कॉस्ट बढ़ सकती है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स फिलहाल तूफान की गति और लैंडफॉल के स्थान पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी तरह की सप्लाई चेन बाधाओं का पहले से अनुमान लगाया जा सके।
