IITs का बड़ा फैसला: अब कैंपस में होंगे परमानेंट मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स, बदलेगी व्यवस्था

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IITs का बड़ा फैसला: अब कैंपस में होंगे परमानेंट मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स, बदलेगी व्यवस्था

देश के सभी **23** IITs अब मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए एक परमानेंट कैडर तैयार कर रहे हैं। अभी तक ये नियुक्तियां कॉन्ट्रैक्ट (Contract) आधार पर होती थीं, लेकिन अब एक व्यवस्थित और स्थायी सिस्टम बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि छात्रों को बेहतर सपोर्ट मिल सके।

देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों, यानी 23 IITs में अब मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प होने जा रहा है। अब तक इन संस्थानों में काउंसलर्स और मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति अस्थायी या कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर की जाती थी, जो बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए अपर्याप्त साबित हो रही थी। अब इन संस्थानों में परमानेंट फुल-टाइम पद सृजित किए जा रहे हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

संस्थानों में छात्रों की संख्या 3,000 से लेकर 18,000 तक है, जिसे देखते हुए पहले की 'आउटसोर्सिंग' मॉडल फेल हो रही थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 90% फैकल्टी मेंबर्स ने माना कि वे छात्रों की मानसिक जरूरतों को संभालने के लिए पूरी तरह सक्षम नहीं हैं।

क्या बदलाव आएगा?

  • IIT Gandhinagar इस पूरे ढांचे को तैयार करने में लीड ले रहा है, जो 'रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया' के मानकों का पालन करेगा।
  • काउंसलर्स के लिए अब योग्यता और प्रमोशन के स्पष्ट नियम होंगे।
  • IIT Kharagpur (डिजिटल ब्लैकआउट) और IIT Roorkee (नई पॉलिसी) जैसे प्रयोगों को अब पूरे देश में एक समान मानक के तहत लागू किया जाएगा।

इस पूरे फ्रेमवर्क पर सुप्रीम कोर्ट की टास्क फोर्स अपनी अंतिम रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2026 तक सौंपेगी, जिस पर शिक्षा क्षेत्र के जानकारों की पैनी नजर है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.