जैनेंद्रजीत, IIT बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस के छात्र, ने 10वीं में 54% अंक लाने के बाद JEE Main में 99.98 परसेंटाइल हासिल किया है। उनकी कहानी दिखाती है कि कैसे अनुशासित पढ़ाई की आदतें और रणनीतिक तैयारी शुरुआती अकादमिक झटकों को पार कर सकती है।
Detailed Coverage
यह कहानी है IIT बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस छात्र जैनेंद्रजीत की, जिन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में मात्र 54% अंक लाने के बावजूद JEE Main में 99.98 परसेंटाइल का स्कोर हासिल कर सबको चौंका दिया। उनकी यह उपलब्धि उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो शुरुआती अकादमिक असफलताओं से जूझ रहे हैं।
10वीं के बाद कैसे बदली राह?
दरअसल, 10वीं में जैनेंद्रजीत की तबीयत काफी खराब थी, जिसकी वजह से उनकी तैयारी प्रभावित हुई और अंक कम आए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने अकादमिक लक्ष्यों को छोटा करने के बजाय, उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया।
घंटों की मेहनत और स्मार्ट स्टडी
जैनेंद्रजीत ने अपनी तैयारी के लिए हर दिन लगभग 10 घंटे समर्पित किए। उन्होंने ध्यान भटकाने वाली चीजों, खासकर सोशल मीडिया से दूरी बनाई। उनकी सबसे बड़ी खासियत थी 'प्रोएक्टिव लर्निंग'। वह क्लास में पढ़ाए जाने वाले विषयों को पहले से ही पढ़ लेते थे, ताकि क्लास के समय वह केवल अपनी शंकाओं को दूर कर सकें, न कि बेसिक कॉन्सेप्ट समझें।
PYQs का कमाल
लगातार घंटों की पढ़ाई के साथ-साथ, उन्होंने परीक्षा पैटर्न को समझने पर भी जोर दिया। उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQs) को हल करना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। इससे उनकी समस्या-समाधान की गति और सटीकता में काफी सुधार हुआ।
इन सब प्रयासों का नतीजा यह हुआ कि JEE Main 2023 में उन्होंने 99.98 परसेंटाइल हासिल किए और JEE Advanced में AIR 349 रैंक लाकर IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस में दाखिला पक्का किया।
जैनेंद्रजीत का अनुभव यह साबित करता है कि 10वीं या 12वीं के शुरुआती अंक भविष्य की सफलता का पैमाना नहीं हैं। सही दिशा में की गई मेहनत और एक ठोस रणनीति किसी भी छात्र को उसके लक्ष्य तक पहुंचा सकती है।
