मुनाफे में कैसे आया इतना बड़ा उछाल?
यह लगातार पंद्रहवां ऐसा क्वार्टर रहा जब IHCL ने अपने प्रदर्शन में लगातार ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 12% साल-दर-साल (YoY) की बढ़त देखी गई, जो ₹2,900 करोड़ पर पहुंच गया। कंसोलिडेटेड ईबीआईटीडीए (EBITDA) में 11% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,134 करोड़ रहा, जिसमें 39.1% का मजबूत ईबीआईटीडीए मार्जिन भी शामिल है।
प्रॉफिट में 55% का उछाल, जानिए वजह
कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) में 55% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया, जो ₹903 करोड़ रहा। इस उछाल के पीछे एक खास वजह रही - कंपनी ने एक ज्वाइंट वेंचर (JV) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर ₹327 करोड़ (नेट ऑफ टैक्स) का बड़ा मुनाफा कमाया। इसके अलावा, न्यू लेबर कोड्स से जुड़ा ₹37 करोड़ (नेट ऑफ टैक्स) का भी एकमुश्त (exceptional) असर रहा।
नौ महीनों के नतीजे भी दमदार
फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (Nine Months FY2026) के आंकड़े भी उत्साहजनक हैं। रेवेन्यू में 17% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹7,127 करोड़ पर पहुंच गया। ईबीआईटीडीए में 16% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,425 करोड़ रहा, जबकि ईबीआईटीडीए मार्जिन 34.0% दर्ज किया गया। नौ महीनों के लिए नेट प्रॉफिट (PAT) 7% बढ़कर ₹1,485 करोड़ रहा। हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि पिछले साल के इसी नौ महीने के पीएटी (PAT) में TajSATS कंसॉलिडेशन से ₹307 करोड़ का एकमुश्त गेन शामिल था।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस और विस्तार की रफ्तार
स्टैंडअलोन (Standalone) Q3 FY2026 की बात करें तो, IHCL ने ₹1,654 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन 48.2% (40 बेसिस पॉइंट की बढ़त) रहा और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹921 करोड़ रहा।
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य कारण 'सेम-स्टोर' परफॉर्मेंस में मजबूती, एयरलाइन और इंस्टीट्यूशनल कैटरिंग में 17% का इजाफा और नए बिज़नेस (New Businesses) में 31% की ग्रोथ रही। होटल सेगमेंट ने अकेले ₹1,050 करोड़ का अपना सर्वश्रेष्ठ तिमाही ईबीआईटीडीए हासिल किया।
IHCL अपनी 'Accelerate 2030' स्ट्रैटेजी के तहत तेजी से विस्तार कर रहा है। साल-दर-साल (YTD) 239 होटल साइन किए गए हैं, जिससे कुल पोर्टफोलियो 617 होटल तक पहुंच गया है। कंपनी के पास इंडस्ट्री में सबसे बड़ा 256 होटलों का पाइपलाइन भी है। हाल ही में, कंपनी ने वेलनेस ब्रांड Atmantan और Brij में कंट्रोलिंग स्टेक का अधिग्रहण किया है, साथ ही Ginger ब्रांड का भी विस्तार किया जा रहा है।
आगे क्या?
IHCL मजबूत ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन और आक्रामक विस्तार की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, निवेशकों को रिपोर्ट किए गए PAT पर एकमुश्त आय के असर पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी को उम्मीद है कि विविध रेवेन्यू स्ट्रीम्स के दम पर प्रदर्शन बना रहेगा। हालांकि, महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं के एग्जीक्यूशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की साइक्लिकल डिमांड जैसे जोखिमों पर भी ध्यान देना होगा। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 तक ₹3,877 करोड़ के ग्रॉस कैश बैलेंस के साथ मजबूत बैलेंस शीट बनाए रखी है और ग्रीनफील्ड व ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के लिए ₹750 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) किया है।