ICAI अब तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के फाइनेंसियल ढांचे को पूरी तरह बदलने जा रहा है। इस पहल का मुख्य मकसद अकाउंटिंग को मॉडर्न बनाना, गोल्ड रिजर्व की सही वैल्यूएशन और जमीनों के मैनेजमेंट के लिए REITs का रास्ता खोलना है।
मंदिर की अकाउंटिंग में बड़ा बदलाव
तिरुपति मंदिर के ट्रस्ट (TTD) का अकाउंटिंग मैनुअल पिछले 30 सालों से अपडेट नहीं हुआ था, जिसे अब ICAI पूरी तरह से बदलने की तैयारी में है। इस नए फ्रेमवर्क के जरिए रोजमर्रा के कैश कलेक्शन से लेकर बैलेंस शीट तक की बारीकियों को पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही, पूरे सिस्टम को मॉडर्न ERP (Enterprise Resource Planning) पर शिफ्ट किया जा रहा है ताकि रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव हो सके।
जमीन और सोने के लिए नई रणनीति
मंदिर के पास मौजूद विशाल जमीन और सोने के भंडार को लेकर भी नई प्लानिंग है। TTD की जमीनों को मैनेज करने के लिए अब REITs (Real Estate Investment Trusts) के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। यह एक ऐसी फाइनेंशियल संरचना है जिससे बिना मालिकाना हक खोए, जमीनों से आय के स्रोत जुटाए जा सकते हैं।
इसके अलावा, मंदिर के पास मौजूद सोने के भंडार के सत्यापन (Verification) और वैल्यूएशन के लिए भी नए और प्रोफेशनल प्रोटोकॉल बनाए जा रहे हैं। ICAI का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य में देश के अन्य बड़े धार्मिक ट्रस्टों के लिए भी एक 'ब्लूप्रिंट' साबित होगा, जिससे दान और संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।
