Cube Highways में I Squared Capital की एग्जिट, ₹534 करोड़ का सौदा
30 मार्च को I Squared Capital की संस्थाओं, Cube Mobility Investments और Cube Highways and Infrastructure III, ने Cube Highways Trust में अपनी 2.7% हिस्सेदारी बेच दी। यह सौदा करीब ₹534 करोड़ का था, जिसमें यूनिट्स ₹146 प्रति यूनिट के भाव पर ट्रेड हुईं। यह कदम I Squared Capital की उस ग्लोबल स्ट्रैटेजी का हिस्सा है जहां वे नए एनर्जी सेक्टर्स पर फोकस बढ़ा रहे हैं और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स से बाहर निकल रहे हैं। इस सौदे में Infrastructure and Real Assets Fund, Kotak Mahindra Bank, ASK Financial Holdings, Neo Real Asset Yield Fund, और Mahindra & Mahindra जैसे खरीदार शामिल रहे। डील से ठीक पहले Cube Highways का स्टॉक लगभग ₹145 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
Shree Digvijay Cement में प्रमोटर का दांव बढ़ा
इसी बीच, Shree Digvijay Cement के शेयरों में 13.67% की दमदार तेजी देखने को मिली और ये ₹63.94 पर बंद हुए। True North Fund VI LLP ने अपनी 4.46% इक्विटी ₹42.2 करोड़ में बेचकर इस स्टॉक से एग्जिट कर लिया। वहीं, India Resurgence Fund, जो अब इस कंपनी का प्रमोटर है, ने दो स्कीमों के जरिए अपनी हिस्सेदारी 4.2% और बढ़ा ली है। यह प्रमोटर कंसॉलिडेशन भारतीय सीमेंट सेक्टर में 6-8% की अनुमानित ग्रोथ (FY27) के बीच आया है, जिसे सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Shree Digvijay Cement का P/E करीब 15x और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.8x है, जो इसे UltraTech Cement और Ambuja Cement जैसे बड़े नामों की तुलना में अधिक आकर्षक वैल्यूएशन पर रखता है।
अन्य बड़ी कंपनियों में भी अहम निवेश
30 मार्च को इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट के अलावा कई अन्य प्रमुख कंपनियों में भी बड़े इंटर-इंस्टीट्यूशनल ट्रेड्स हुए। BNP Paribas Financial Markets ने Siemens Energy India (₹43.36 करोड़), GMR Airports (₹31.12 करोड़), LG Electronics India (₹36.01 करोड़) और Max Healthcare Institute (₹57.04 करोड़) में हिस्सेदारी खरीदी। ये शेयर Morgan Stanley और Citigroup जैसी फर्मों से लिए गए। वहीं, Goldman Sachs Bank Europe ने Morgan Stanley से Bharat Heavy Electricals (₹31.01 करोड़) और Jio Financial Services (₹62.22 करोड़) के शेयर प्राप्त किए। Siemens Energy India का वैल्यूएशन लगभग 8 बिलियन डॉलर और P/E 30x है, जो इसके मजबूत ऑर्डर बुक से प्रेरित है। दूसरी ओर, Jio Financial Services का मार्केट कैप करीब 30 बिलियन डॉलर और P/E 70x है, जो कि हाई वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों का ध्यान खींच रहा है।
आगे का रास्ता और संभावित जोखिम
ये बड़े सौदे कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा करते हैं। Cube Highways Trust को भविष्य में विस्तार के लिए फंड जुटाने में दिक्कत आ सकती है, खासकर यदि बाजार की स्थितियां टाइट रहती हैं। Shree Digvijay Cement कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में मंदी और कच्चे माल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनी हुई है। वहीं, Jio Financial Services जैसी हाई-वैल्यूएशन वाली कंपनियों के लिए, एग्जीक्यूशन में कमी या बढ़ती प्रतिस्पर्धा से कीमतों में तेज गिरावट का खतरा बना हुआ है।
बाजार का दृष्टिकोण
आगे चलकर, संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में सक्रिय ट्रेडिंग जारी रख सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट सेक्टर सरकारी खर्चों के कारण लाभ में रह सकते हैं, जिसका फायदा Cube Highways Trust और Shree Digvijay Cement को मिल सकता है। Siemens Energy India की मजबूत ऑर्डर बुक और विश्लेषकों द्वारा दी गई रेटिंग इसके लिए एक सकारात्मक संकेत हैं। Jio Financial Services को अपने हाई वैल्यूएशन के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी बदलावों से निपटना होगा।