Honeywell Automation के शेयरों में आज गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने FY26 के नतीजे पेश किए, जिसमें सालाना मुनाफे में मामूली **0.38%** की बढ़ोतरी के साथ **₹525 करोड़** का आंकड़ा पार हुआ। हालांकि, रेवेन्यू में बढ़त के बावजूद निवेशकों की चिंता नेट कैश फ्लो में आई गिरावट को लेकर बढ़ गई है, जो मार्च 2026 में घटकर **-₹2,565 करोड़** हो गया।
नतीजों के बाद शेयर में गिरावट
शुक्रवार को Honeywell Automation India Ltd के शेयरों में 2.15% की गिरावट आई, जिससे शेयर की कीमत सुबह के कारोबार में ₹38,655 तक पहुंच गई। यह गिरावट कंपनी द्वारा 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए जारी किए गए मिले-जुले वित्तीय नतीजों के बाद आई है।
रेवेन्यू और मुनाफे का गणित
कंपनी ने FY26 के लिए ₹4,681 करोड़ का स्टैंडअलोन सालाना रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹4,189 करोड़ की तुलना में 11.74% अधिक है। लेकिन, मुनाफे में उतनी तेजी नहीं देखी गई। सालाना नेट प्रॉफिट में केवल 0.38% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹525 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹523 करोड़ था। इस वजह से नेट प्रॉफिट मार्जिन घटकर 11.21% रह गया, जो पिछले साल 12.49% था। इससे लगता है कि बढ़ती लागतों का असर कंपनी के बॉटम लाइन पर पड़ रहा है।
कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर नजर
निवेशकों के लिए कंपनी की कैश पोजीशन एक महत्वपूर्ण पहलू है। ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से जेनरेट होने वाला कैश ₹426 करोड़ से बढ़कर ₹492 करोड़ हो गया। लेकिन, कुल नेट कैश फ्लो में भारी गिरावट आई और यह मार्च 2025 के ₹308 करोड़ के पॉजिटिव आंकड़े से घटकर मार्च 2026 में -₹2,565 करोड़ निगेटिव हो गया। इसके अलावा, कंपनी की बैलेंस शीट दर्शाती है कि कुल देनदारियां (Total Liabilities) कुल संपत्ति (Total Assets) के बराबर ही बढ़ी हैं, जो दोनों ₹6,229 करोड़ पर हैं। नेट कैश फ्लो में तेज गिरावट के साथ देनदारियों का बढ़ना, यह संकेत देता है कि पूंजी आवंटन (capital allocation) में वृद्धि हुई है या वर्किंग कैपिटल की जरूरतें बदली हैं, जिस पर निवेशकों को गौर करना चाहिए।
वैल्यूएशन और डिविडेंड
मुनाफे के मार्जिन पर दबाव के बावजूद, स्टॉक का वैल्यूएशन बदला है। प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पिछले पीरियड के 56.88 की तुलना में सुधरकर 44.33 हो गया है। आय पर ध्यान केंद्रित करने वाले निवेशकों के लिए, कंपनी ने ₹110 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया था, जिसका भुगतान 17 जुलाई 2026 को किया गया। भविष्य में, हितधारकों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु नेट कैश फ्लो को स्थिर करने और लाभ मार्जिन को बहाल करने की कंपनी की क्षमता होगी। एनालिस्ट और निवेशक आगामी तिमाही प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या मार्जिन का वर्तमान दबाव एक अस्थायी प्रवृत्ति है या कंपनी की लाभप्रदता में एक स्थायी बदलाव है।
