हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की सह-संस्थापक और प्रसिद्ध कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की पत्नी, Gitanjali Angmo, अब उनके क्षेत्रीय वकालत अभियानों में एक प्रमुख सार्वजनिक चेहरा बन गई हैं। उन्होंने हाल ही में अपने पति की गिरफ्तारी और स्वास्थ्य संबंधी विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन्हें कानूनी और सामाजिक समर्थन दिया है।
Gitanjali Angmo, जो पहले एक सामाजिक उद्यमी और कलाकार के रूप में जानी जाती थीं, अब अपने पति, जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के अभियानों के समर्थन में एक अधिक प्रमुख सार्वजनिक भूमिका निभा रही हैं। उनकी हालिया सार्वजनिक सक्रियता Wangchuk की हिरासत और स्वास्थ्य स्थिति से जुड़े कानूनी और मानवीय चिंताओं पर केंद्रित है।
पेशेवर पृष्ठभूमि और HIAL
अपनी हालिया सक्रियता से परे, Angmo का एक स्थापित पेशेवर रिकॉर्ड है। वह लद्दाख में स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की सह-संस्थापक हैं। यह संस्थान टिकाऊ प्रौद्योगिकी और हरित निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है, और इसने भारतीय सेना द्वारा ऊंचाई वाले इलाकों में उपयोग के लिए विशेष सौर-गर्म तंबुओं (solar-heated tents) के विकास के लिए पहचान हासिल की है। Angmo ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से चेवनिंग स्कॉलर (Chevening scholar) भी हैं और उन्हें 'वुमन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवार्ड' (Women Transforming India Award) से भी सम्मानित किया जा चुका है।
हालिया कानूनी और सामाजिक वकालत
अपने पति की हिरासत से संबंधित कानूनी चुनौतियों के बाद Angmo की सार्वजनिक उपस्थिति में काफी वृद्धि हुई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी, जो कि 170 दिनों की अवधि के बाद Wangchuk की रिहाई से पहले का घटनाक्रम था। हाल ही में, वह सार्वजनिक प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं, जहाँ उन्होंने Wangchuk द्वारा किए गए भूख हड़ताल के दौरान पारदर्शिता और चिकित्सा सुविधा की पहुंच पर सवाल उठाए हैं। चूँकि वह वर्तमान में स्वास्थ्य कारणों से नियोजित मार्च में भाग लेने में असमर्थ हैं, Angmo ने लद्दाख में क्षेत्रीय अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण की वकालत को जारी रखने के लिए इन प्रयासों का नेतृत्व करने का संकल्प लिया है।
लद्दाख क्षेत्र से परिचित निवेशक और पर्यवेक्षक आम तौर पर स्थानीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, क्षेत्रीय स्थिरता और HIAL जैसी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे टिकाऊ प्रौद्योगिकी पहलों की प्रगति पर इन विकासों की निगरानी करते हैं। आने वाले महीनों के लिए मुख्य निगरानी यह होगी कि ये वकालत अभियान कैसे आगे बढ़ते हैं और क्या वे क्षेत्र में स्थानीय प्रशासनिक या पर्यावरणीय नीति निर्णयों को प्रभावित करते हैं।
