HCLTech के CEO, C. विजयकुमार की FY26 में कुल सैलरी **67%** बढ़कर **$18.13 मिलियन** पहुंच गई है। यह भारी बढ़ोतरी स्टॉक ऑप्शंस और लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव्स की वजह से हुई है। यह सैलरी पैकेज भारत की अन्य बड़ी IT कंपनियों के CEOs की तुलना में काफी ज्यादा है, जबकि कंपनी का सालाना नेट प्रॉफिट **4.3%** गिर गया।
Detailed Coverage
HCLTech के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक, C. विजयकुमार ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए USD 18.13 मिलियन का कुल रेमुनरेशन ( the total remuneration) प्राप्त किया है। कंपनी की नवीनतम एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल की कमाई की तुलना में 66.9% की महत्वपूर्ण वृद्धि है। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब IT सर्विस कंपनी ने बॉटम-लाइन ग्रोथ के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर का सामना किया, जिसमें नेट प्रॉफिट ₹16,642 करोड़ दर्ज किया गया, जो FY25 में रिपोर्ट किए गए ₹17,390 करोड़ की तुलना में 4.30% की गिरावट है।
सैलरी स्ट्रक्चर का ब्रेकडाउन
कुल सैलरी में तेज वृद्धि का मुख्य कारण बेस सैलरी में बढ़ोतरी के बजाय इक्विटी-लिंक्ड कंपोनेंट्स (equity-linked components) हैं। विजयकुमार के FY26 पैकेज में USD 2.48 मिलियन की बेस सैलरी और USD 2 मिलियन का परफॉरमेंस बोनस शामिल था। हालांकि, उनकी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा USD 3.94 मिलियन का लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव कैश पेआउट और USD 9.40 मिलियन था जो रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSUs) के एक्सरसाइज से मिला। जब इन स्पेसिफिक लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव्स और स्टॉक गेन्स को हटा दिया जाए, तो उनकी रेमुनरेशन में साल-दर-साल वृद्धि लगभग 22.86% होती।
इंडस्ट्री की तुलना और फाइनेंशियल कॉन्टेक्स्ट
यह कंपनसेशन लेवल HCLTech के लीडरशिप को इंडियन IT सर्विस सेक्टर में टॉप पर रखता है। तुलना के लिए, इसी अवधि में इंडस्ट्री के अन्य प्रमुख कंपनियों के CEOs ने अलग-अलग कंपनसेशन ट्रेंड्स देखे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO K. कृ विविध ने ₹28 करोड़ की कमाई दर्ज की, जो 6.3% की वृद्धि दर्शाता है। इंफोसिस के CEO सलिल पारेख ने ₹82.60 करोड़ कमाए, जो 2% की बढ़ोतरी है, जबकि विप्रो के CEO श्रीनिवास पल्ली की रेमुनरेशन USD 5.29 मिलियन या लगभग ₹49.64 करोड़ बताई गई।
जहां एग्जीक्यूटिव पे (executive pay) में वृद्धि देखी गई, वहीं HCLTech ने फाइनेंशियल ईयर के लिए नेट प्रॉफिट में 4.3% की गिरावट दर्ज की। इसके विपरीत, कंपनी के एनुअल रेवेन्यू में 11.18% की वृद्धि देखी गई, जो बढ़कर ₹16,642 करोड़ हो गया। बढ़ते एग्जीक्यूटिव खर्चों और घटते नेट प्रॉफिट के बीच का यह अंतर एक ऐसा मीट्रिक है जिस पर शेयरहोल्डर्स अक्सर मैनेजमेंट के शेयरहोल्डर रिटर्न्स के साथ तालमेल का आकलन करने के लिए नजर रखते हैं। विजयकुमार का वेतन कंपनी के वैश्विक कार्यबल के मीडियन रेमुनरेशन का 291.9 गुना था, जिसमें इसी वर्ष 5.4% की वेतन वृद्धि देखी गई।
आगे देखते हुए, निवेशक इस बात पर नजर रख सकते हैं कि क्या कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ आने वाली तिमाहियों में बेहतर प्रॉफिट मार्जिन में तब्दील हो सकता है। एग्जीक्यूटिव पे के प्राथमिक चालक के रूप में इक्विटी-आधारित इंसेंटिव्स पर निर्भरता भी रुचि का विषय बनी रहेगी, क्योंकि यह लीडरशिप रिवार्ड्स को कंपनी के लॉन्ग-टर्म स्टॉक परफॉरमेंस से कसकर जोड़ता है। HCLTech 170,000 से अधिक स्थायी कर्मचारियों के एक बड़े कार्यबल का प्रबंधन जारी रखे हुए है, और भविष्य के फाइनेंशियल परफॉरमेंस के लिए परिचालन लागत और रेवेन्यू विस्तार के बीच संतुलन महत्वपूर्ण होगा।
