HCLTech के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर C Vijayakumar की कुल सैलरी FY26 में बढ़कर **₹175 करोड़** हो गई है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले **67%** ज्यादा है, जिसकी मुख्य वजह स्टॉक ऑप्शन का इस्तेमाल और लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव्स रहे। ये सैलरी इंडियन IT सेक्टर के दूसरे बड़े अधिकारियों से काफी ज्यादा है।
Detailed Coverage
CEO की कमाई का पूरा हिसाब
HCLTech की FY25-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, C Vijayakumar की कुल कमाई करीब ₹175 करोड़ रही। पिछले साल के मुकाबले यह 66.9% की बड़ी बढ़ोतरी है। इस कमाई का एक बड़ा हिस्सा लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव्स (LTI) और रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSUs) के एक्सरसाइज से आया है। RSUs परफॉरमेंस से जुड़े स्टॉक अवार्ड होते हैं जो सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को दिए जाते हैं।
अगर इन लॉन्ग-टर्म इंसेंटिव्स और स्टॉक से हुई कमाई को हटा दें, तो उनकी बेसिक सैलरी और परफॉरमेंस बोनस में बढ़ोतरी 22.86% के आसपास रहती। अमेरिका में रहने वाले विजयकुमार की FY26 की सैलरी में $2.48 मिलियन का बेस वेतन और $2 मिलियन का परफॉरमेंस बोनस शामिल था। इसके अलावा, $3.94 मिलियन का LTI कैश पेमेंट और $9.40 मिलियन RSUs के जरिए मिले।
IT सेक्टर में सबसे ज्यादा कमाई
जब HCLTech के CEO की कमाई की तुलना दूसरे बड़े इंडियन IT कंपनियों के CEOs से की जाती है, तो यह काफी ज्यादा लगती है। उदाहरण के लिए, TCS के CEO K Krithivasan की FY26 की कमाई ₹28 करोड़ थी, जबकि Infosys के CEO Salil Parekh को ₹82.60 करोड़ मिले। Wipro के CEO Srinivas Pallia की कुल सैलरी करीब ₹49.64 करोड़ ($5.29 मिलियन) थी। ये अंतर अक्सर सैलरी स्ट्रक्चर, विदेशी बाजारों के स्टैंडर्ड और कंपनी की अपनी इंसेंटिव पॉलिसी पर निर्भर करते हैं।
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे और CEO की कमाई का अनुपात
FY26 में HCLTech का रेवेन्यू ₹130,144 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 11.18% ज्यादा है। लेकिन, कंपनी का नेट प्रॉफिट 4.30% घटकर ₹16,642 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹17,390 करोड़ था।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि CEO की सैलरी कंपनी के बाकी कर्मचारियों की औसत सैलरी का 291.9 गुना थी। हालांकि, इस दौरान कर्मचारियों की औसत सैलरी में 5.4% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन एग्जीक्यूटिव पे और आम कर्मचारियों की सैलरी के बीच ये बड़ा अंतर निवेशकों के लिए गवर्नेंस के नजरिए से एक अहम मुद्दा हो सकता है।
आगे चलकर, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव सैलरी और कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने के बीच कैसे संतुलन बनाता है।
