Gulf Lloyds India के SME IPO में निवेशकों का जोश दूसरे दिन ही देखने लायक था। यह इश्यू **7.72** गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें रिटेल निवेशकों की तरफ से **13.5** गुना की जोरदार मांग देखी गई। कंपनी इस IPO से **₹18.19 करोड़** जुटाएगी, जिसका इस्तेमाल ऑफिस स्पेस खरीदने, लोन चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
Detailed Coverage
गुजरात की Gulf Lloyds India के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) ने निवेशकों का ध्यान खूब खींचा है। बिडिंग के दूसरे दिन, यानी 21 जुलाई 2026 तक, इस इश्यू को 7.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ₹100 प्रति शेयर के फिक्स्ड प्राइस पर 18.19 लाख इक्विटी शेयर ऑफर कर ₹18.19 करोड़ जुटाने की तैयारी में है।
रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल डिमांड
सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के अनुसार, रिटेल निवेशकों में इस इश्यू को लेकर जबरदस्त क्रेज दिखा, उनके लिए रिजर्व पोर्शन 13.5 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (जैसे हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और कॉर्पोरेट एंटिटीज) ने अपने हिस्से को 2 गुना सब्सक्राइब किया। कुल मिलाकर, 17.28 लाख शेयरों के ऑफर साइज के मुकाबले 1.33 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
IPO फंड का इस्तेमाल
Gulf Lloyds India इस IPO से मिलने वाले नेट प्रोसीड्स (इश्यू एक्सपेंस घटाने के बाद करीब ₹16.19 करोड़) का इस्तेमाल अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए करेगी। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा, ₹7.15 करोड़, रोजमर्रा के ऑपरेशन्स के लिए वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करेगा। कंपनी ₹3.71 करोड़ ऑफिस के लिए और ₹3 करोड़ मौजूदा अनसिक्योर्ड लोन चुकाने के लिए भी आवंटित करेगी। बाकी बचे ₹2.33 करोड़ का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट एक्टिविटीज के लिए होगा।
बिजनेस मॉडल और लिस्टिंग की उम्मीदें
यह कंपनी थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन, ऑडिटिंग, टेस्टिंग, ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन के क्षेत्र में सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम करती है। इसके क्लाइंट्स में ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट जैसे सेक्टर्स की पब्लिक और प्राइवेट कंपनियां शामिल हैं।
यह एक SME (स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज) IPO है, इसलिए निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि ऐसे स्टॉक्स में लिक्विडिटी कम होने जैसे जोखिम हो सकते हैं। कंपनी की विभिन्न इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में अपनी क्लाइंट बेस को बनाए रखने की क्षमता भविष्य में रेवेन्यू की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगी। इस स्टॉक के BSE SME प्लेटफॉर्म पर 27 जुलाई 2026 को लिस्ट होने की उम्मीद है। Interactive Financial Services इस IPO प्रोसेस को मैनेज कर रहा है।
