Gulf Lloyds (India) का IPO 20 जुलाई को खुलेगा, जिसमें कंपनी **₹100** प्रति शेयर के फिक्स्ड प्राइस पर **18.19 करोड़** रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती है। यह पैसा ऑफिस विस्तार, कर्ज चुकाने और रोज़मर्रा के खर्चों के लिए इस्तेमाल होगा। निवेशक 22 जुलाई तक इसमें पैसा लगा सकते हैं।
Gulf Lloyds (India) का पहला IPO
अहमदाबाद की Gulf Lloyds (India) कंपनी अपना पहला IPO 20 जुलाई को लॉन्च कर रही है। यह कंपनी थर्ड-पार्टी सर्टिफिकेशन और इंस्पेक्शन सर्विस देती है। इस IPO के ज़रिये कंपनी 18.19 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। IPO के लिए बोली 22 जुलाई तक खुली रहेगी।
IPO का स्ट्रक्चर और प्राइसिंग
इस पब्लिक इश्यू में 18.19 लाख इक्विटी शेयर्स का फ्रेश इश्यू होगा। इसका मतलब है कि IPO से मिला पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा, किसी मौजूदा प्रमोटर या निवेशक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिलेगा। शेयर का दाम ₹100 प्रति शेयर फिक्स किया गया है।
फंड का इस्तेमाल
कंपनी ने बताया है कि IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा:
- ₹3.71 करोड़: ऑफिस के नए प्रेमिसिस खरीदने या बेहतर बनाने पर खर्च होंगे।
- ₹3 करोड़: कंपनी अपने अनसिक्योर्ड लोन को चुकाने में इस्तेमाल करेगी।
- ₹7.15 करोड़: वर्किंग कैपिटल (रोज़मर्रा के बिज़नेस खर्चे) के लिए रखे जाएंगे।
- बाकी बचे पैसे का इस्तेमाल कंपनी जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए करेगी।
कंपनी की कमाई
31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में, Gulf Lloyds (India) का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹35.7 करोड़ रहा। इसी दौरान, कंपनी ने ₹4.3 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था। यह आंकड़े निवेशकों को कंपनी के मौजूदा बिज़नेस का अंदाज़ा देते हैं, खासकर ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में।
निवेशकों के लिए आवंटन
IPO में शेयर्स का आवंटन दो कैटेगरी में बांटा गया है:
- रिटेल निवेशकों के लिए 8.64 लाख शेयर्स।
- नॉन-रिटेल निवेशकों (जैसे HNI) के लिए 8.64 लाख शेयर्स।
इसके अलावा, 91,200 शेयर्स मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी के मर्चेंट बैंकर Interactive Financial Services हैं।
छोटे IPOs में मार्केट मेकर का आवंटन लिस्टिंग के बाद ट्रेडिंग को लिक्विड बनाए रखने के लिए किया जाता है। यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने कर्ज को कैसे मैनेज करती है और फंड मिलने के बाद वर्किंग कैपिटल का इस्तेमाल कितना प्रभावी ढंग से करती है। कंपनी के इंस्पेक्शन सर्विस बिज़नेस का प्रदर्शन, जो एनर्जी और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स की ग्रोथ से जुड़ा है, लंबी अवधि के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा।
