Cyber Threat: गुजरात पुलिस ने भंडाफोड़ किया, बांग्लादेशी सिंडिकेट का बम धमाकों की धमकी से कनेक्शन

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Cyber Threat: गुजरात पुलिस ने भंडाफोड़ किया, बांग्लादेशी सिंडिकेट का बम धमाकों की धमकी से कनेक्शन

गुजरात पुलिस ने बिहार और झारखंड से दो लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतरराज्यीय साइबर सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसका तार बांग्लादेश से जुड़ा है। जांच में **5,13,000** से ज्यादा चोरी किए गए ईमेल क्रेडेंशियल्स बरामद हुए हैं।

गुजरात पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने हाल ही में राज्य विधानसभा, मुख्यमंत्री कार्यालय और ब्रिक्स (BRICS) समिट के भागीदारों को बम से उड़ाने की धमकियां दी थीं। साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने डिजिटल साक्ष्यों की कड़ी जोड़ते हुए बिहार के भागलपुर में इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई।

गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा

पुलिस ने मामले में दो मुख्य संदिग्धों को दबोचा है। भागलपुर के रोशन कुमार भूमिहार ने कथित तौर पर धमकी भरे ईमेल भेजे थे, जबकि झारखंड के देवघर से गुलशन कुमार सिंह को मुख्य ऑपरेटर के रूप में पहचाना गया है। जांच में सामने आया है कि सिंह 2022 से ही चोरी किए गए ईमेल क्रेडेंशियल्स का अवैध व्यापार कर रहा था।

बांग्लादेश कनेक्शन और क्रिप्टो फंडिंग

इस पूरे ऑपरेशन में विदेशी हस्तक्षेप की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सिंडिकेट को बांग्लादेश में बैठे हैंडलर्स से न केवल निर्देश मिल रहे थे, बल्कि उन्हें फाइनेंशियल मदद भी दी जा रही थी। इस फंडिंग को ट्रैक करने से बचने के लिए आरोपी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का इस्तेमाल कर रहे थे।

डेटा ब्रीच का बड़ा खतरा

पुलिस ने इस रेड के दौरान 5,13,847 यूनिक ईमेल आईडी और पासवर्ड रिकवर किए हैं। माना जा रहा है कि इन डेटा का इस्तेमाल देश भर के स्कूलों, अदालतों और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए ऑटोमेटेड थ्रेट कैंपेन चलाने में किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन क्रेडेंशियल्स का उपयोग किन अन्य साइबर अपराधों में हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.