Great Eastern Shipping ने ओपन मार्केट के जरिए **₹900 करोड़** तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। कंपनी ने हाल ही में अपने Q1 नतीजों में **159%** का शानदार उछाल दर्ज किया था, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।
बायबैक की बारीकियां और गणित
बोर्ड ने इस बायबैक के लिए अधिकतम प्राइस ₹1,530 प्रति शेयर तय किया है। इस प्रोग्राम के तहत कंपनी कुल 5.88 मिलियन शेयर वापस खरीदेगी, जो उसकी कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का लगभग 4.12% है। अच्छी बात यह है कि प्रमोटर ग्रुप इसमें हिस्सा नहीं ले रहा है, यानी यह मौका केवल पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए है। इस खबर के आते ही स्टॉक में 3% से ज्यादा की तेजी देखी गई।
शानदार नतीजे और मजबूती
यह फैसला कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति को दर्शाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹1,309 करोड़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले यह 159% की भारी बढ़त है, जिससे कंपनी को पूंजी लौटाने के लिए जरूरी लिक्विडिटी मिली है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
हालांकि बायबैक कंपनी का अपने शेयर की वैल्यू में भरोसा दिखाता है, लेकिन सेक्टर की साइक्लिकल प्रकृति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज सेक्टर ग्लोबल ट्रेड वॉल्यूम और कच्चे तेल की कीमतों पर काफी निर्भर करता है। इसके अलावा, ओपन मार्केट बायबैक में एग्जीक्यूशन रिस्क भी होता है। अगर बाजार में लिक्विडिटी कम रही या कीमतें तेजी से ऊपर गईं, तो कंपनी के लिए तय लक्ष्य तक शेयर खरीदना चुनौती भरा हो सकता है।
फिलहाल, इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाने के लिए कंपनी ने 25 अगस्त, 2026 से 29 अगस्त, 2026 तक ट्रेडिंग विंडो बंद रखी है। भविष्य में निवेशकों को बायबैक की रफ्तार और मैनेजमेंट की आगे की रणनीति पर नजर रखनी चाहिए।
