मालिकाना हक का बड़ा खेल
Grand Foundry Limited में मालिकाना हक का बड़ा खेल शुरू हो गया है। कंपनी के मौजूदा प्रमोटर Mr. Gaurav Goyal और Mr. Rakesh Kumar Bansal, कंपनी में अपनी 70.17% हिस्सेदारी Sar Televenture Limited को ₹32.03 करोड़ में बेच रहे हैं। इस सौदे का मतलब है कि Grand Foundry का पूरा मैनेजमेंट और कंट्रोल अब नए हाथों में चला जाएगा।
यह डील ₹1.50 प्रति शेयर के भाव पर हो रही है। कुल मिलाकर 2,13,51,740 शेयर बेचे जा रहे हैं। इस सौदे के पूरा होते ही Grand Foundry का कंट्रोल Sar Televenture Limited के पास चला जाएगा।
सौदे का महत्व
यह Grand Foundry के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। कंपनी का नेतृत्व और मालिकाना हक संरचना पूरी तरह बदल जाएगी। मौजूदा प्रमोटर ग्रुप का कंपनी पर से नियंत्रण हट जाएगा, जिससे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और मैनेजमेंट में बदलाव होंगे। शेयरहोल्डर्स के लिए, यह एक नई दिशा का इशारा हो सकता है, हालांकि कंपनी की हालिया वित्तीय स्थिति चुनौतियां पेश करती है।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Grand Foundry Limited, जो 1974 से ब्राइट स्टील बार्स और वायर्स बना रही है, पिछले कुछ फाइनेंशियल ईयर से लगातार मुश्किलों का सामना कर रही है। कंपनी का रेवेन्यू घट रहा है और नेट लॉस बढ़ रहा है। Q3 FY26 में कंपनी ने ऑपरेशंस से जीरो रेवेन्यू और ₹2.36 मिलियन का नेट लॉस दर्ज किया था। कंपनी का स्टॉक फिलहाल GSM Stage 3 के तहत ट्रेड हो रहा है, यानी इसमें ट्रेडिंग पर पाबंदियां लगी हुई हैं।
एक्वायरर का प्लान
दूसरी ओर, Sar Televenture Limited, जो टेलीकॉम सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है और हाल ही में अपना IPO पूरा कर चुकी है, अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। Grand Foundry का अधिग्रहण Sar Televenture के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
क्या बदलेगा?
इस डील से क्या बदलेगा:
- पूरा कंट्रोल ट्रांसफर: Sar Televenture Limited को Grand Foundry का पूरा मैनेजमेंट और कंट्रोल मिलेगा।
- प्रमोटर एग्जिट: मौजूदा प्रमोटर ग्रुप, जिसमें Mr. Gaurav Goyal और Mr. Rakesh Kumar Bansal शामिल हैं, अपना शेयर बेचकर बाहर हो जाएंगे।
- बोर्ड का पुनर्गठन: Grand Foundry के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और प्रमुख मैनेजमेंट पदों पर बदलाव होंगे।
- रणनीतिक बदलाव: Sar Televenture के स्वामित्व में कंपनी की बिजनेस स्ट्रेटेजी में नयापन आ सकता है।
जोखिमों पर नजर
आगे क्या जोखिम हैं:
- डील की शर्तें: यह ट्रांजैक्शन कुछ जरूरी शर्तों और रेगुलेटरी अप्रूवल पर निर्भर है।
- ओपन ऑफर: एक्वायरर (Sar Televenture) को SEBI के नियमों के अनुसार पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए मैंडेटरी ओपन ऑफर पूरा करना होगा।
- वित्तीय टर्नअराउंड: Grand Foundry का लगातार घाटा और जीरो रेवेन्यू नए मैनेजमेंट के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा।
- वैल्यूएशन: ₹1.50 प्रति शेयर का बिक्री भाव, कंपनी के मौजूदा मार्केट ट्रेडिंग प्राइस से काफी कम है, जो किसी बड़े डिस्काउंट या संकट का संकेत हो सकता है।
वैल्यूएशन का संदर्भ
बाजार में Grand Foundry का मार्केट कैप मार्च 2026 की शुरुआत में करीब ₹35.85 करोड़ था। वहीं, फरवरी 2026 के अंत में कंपनी का शेयर NSE पर लगभग ₹11.78 और BSE पर ₹10.46 पर ट्रेड हो रहा था। यह डील ₹1.50 प्रति शेयर के भाव पर हो रही है, जो कि मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस से बहुत कम है। इससे पहले जुलाई 2025 में प्रमोटरों ने 26% हिस्सेदारी के लिए ₹2.00 प्रति शेयर का ओपन ऑफर दिया था।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को क्या देखना चाहिए:
- रेगुलेटरी अप्रूवल: SEBI और अन्य संबंधित अथॉरिटीज से डील को मंजूरी मिलने पर नजर रखें।
- ओपन ऑफर की टाइमलाइन: पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर कब शुरू और खत्म होगा, इस पर ध्यान दें।
- नए मैनेजमेंट की घोषणा: Sar Televenture द्वारा Grand Foundry के ऑपरेशंस और भविष्य की स्ट्रेटेजी को लेकर दिए जाने वाले बयानों पर नजर रखें।
- वित्तीय नतीजों में सुधार: अधिग्रहण के बाद Grand Foundry के फाइनेंशियल रिजल्ट्स में किसी भी सुधार या गिरावट पर नजर रखें।