IAF Land Acquisition: दिल्ली में सरकारी जमीन पर बड़ा एक्शन, एयरफोर्स की **39.5 एकड़** जमीन वापस ली

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
IAF Land Acquisition: दिल्ली में सरकारी जमीन पर बड़ा एक्शन, एयरफोर्स की **39.5 एकड़** जमीन वापस ली

इंडियन एयरफोर्स ने नई दिल्ली स्थित रेस कोर्स स्टेशन की **39.5 एकड़** जमीन को लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) को सौंप दिया है। यह कदम प्रधानमंत्री आवास के पास की बेशकीमती सरकारी जमीन को एकीकृत करने की सरकारी योजना का हिस्सा है।

बीते 5 नवंबर, 2026 को इंडियन एयरफोर्स (IAF) ने अपनी 39.5 एकड़ जमीन का मालिकाना हक आधिकारिक तौर पर लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) को हस्तांतरित कर दिया है। यह पूरी प्रक्रिया 'एज इज वेयर इज' (as is where is) आधार पर पूरी की गई है, जिससे अब यह इलाका सीधे केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के नियंत्रण में आ गया है।

बंद हुई एयरफोर्स की सुविधाएं

इस जमीन पर पहले एयरफोर्स का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित था, जिसमें गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य मनोरंजन सुविधाएं मौजूद थीं। हालांकि, 28 अक्टूबर, 2026 से ही इन सुविधाओं का संचालन बंद कर दिया गया था, जिसके बाद अब इसे पूरी तरह से खाली करवाकर हैंडओवर कर दिया गया है।

रणनीतिक consolidation और विवाद

यह जमीन दिल्ली के उस हाई-सिक्योरिटी जोन का हिस्सा है, जहां प्रधानमंत्री का आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) स्थित है। इससे पहले सरकार दिल्ली रेस क्लब की 53 एकड़ जमीन और जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण भी अपने हाथों में ले चुकी है। सरकार का मुख्य मकसद राजधानी के प्राइम इलाकों की जमीन को पुनर्गठित करना है।

हालांकि, यह फैसला विवादों में भी रहा है। पूर्व एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने ट्रांसफर से पहले रक्षा मंत्री के सामने इस जमीन के रणनीतिक महत्व और जवानों की सुविधाओं को लेकर चिंता जताई थी। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने भी डिफेंस एस्टेब्लिशमेंट के साथ इस व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। अब डिफेंस एस्टेट ऑफिस और L&DO की संयुक्त टीम इस इलाके के बाउंड्री सर्वे का काम पूरा करेगी, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जमीन का उपयोग सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए होगा या प्रशासनिक कार्यों के लिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.