असंगठित श्रमिकों के लिए सरकार की नई पेंशन योजना! रिटायरमेंट की चिंता खत्म

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AuthorNeha Patil|Published at:
असंगठित श्रमिकों के लिए सरकार की नई पेंशन योजना! रिटायरमेंट की चिंता खत्म

मोदी सरकार असंगठित और औपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना का मकसद उन करोड़ों लोगों को रिटायरमेंट के बाद सुरक्षा देना है, जिनके पास फिलहाल कोई पेंशन की सुविधा नहीं है। यह EPFO 3.0 सुधारों का एक अहम हिस्सा है।

नई पेंशन योजना: कामगारों को मिलेगा रिटायरमेंट का सहारा

केंद्र सरकार असंगठित और छोटे उद्योगों में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक नई 'कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम' (Contributory Pension Scheme) लाने की योजना बना रही है। इस योजना को 'EPFO 3.0' रिफॉर्म्स (Reforms) के तहत लाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि टेक्नोलॉजी की मदद से रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान बनाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी बुढ़ापे की जरूरतों के लिए पैसे जोड़ सकें।

कैसे काम करेगी यह स्कीम?

इस नई स्कीम के तहत, कर्मचारी रेगुलर अपनी कमाई का कुछ हिस्सा इस पेंशन फंड में जमा करेंगे। इस जमा राशि को सरकार की गारंटी वाली सिक्योरिटीज (Government-backed Securities) में निवेश किया जाएगा। इस स्कीम की एक खास बात यह है कि हर सदस्य के लिए एक 'टारगेट रिटायरमेंट सम' (Target Retirement Sum) तय किया जाएगा। जब सदस्य 60 साल का हो जाएगा, तो यह जमा हुई रकम मौजूदा ब्याज दरों और एन्युटी (Annuity) दरों के हिसाब से मासिक पेंशन में बदल जाएगी।

इस स्कीम में लचीलापन भी होगा। 55 साल की उम्र के बाद, लोग अपनी रिटायरमेंट सेविंग का इस्तेमाल कैसे करना चाहते हैं, यह चुन सकेंगे। वे या तो एकमुश्त रकम निकाल सकते हैं या फिर सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान (Systematic Withdrawal Plan) या एन्युटी के जरिए पेंशन ले सकते हैं।

NPS से कितनी अलग है ये स्कीम?

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह नई स्कीम मौजूदा नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से काफी अलग होगी। जहां NPS में एन्युटी पर ज्यादा जोर है, वहीं इस नई योजना में जोखिम-मुक्त (Risk-free) स्ट्रक्चर और वास्तविक रिटर्न (Real Returns) पर ध्यान दिया जाएगा, जो कि मौजूदा प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund) की तरह ही होगा। इसमें कर्मचारी, एम्प्लॉयर (Employer) और कम आय वाले लोगों के लिए सरकार की ओर से भी कॉन्ट्रिब्यूशन (Contribution) की व्यवस्था हो सकती है। इसके अलावा, 'फैमिली बेनिफिट फंड' (Family Benefit Fund) भी होगा, जो परिवार को सुरक्षा देगा।

कवरेज गैप को भरने की कोशिश

भारत में करीब 55 करोड़ वर्कफोर्स (Workforce) में से लगभग 76% लोगों के पास रिटायरमेंट के लिए कोई पेंशन कवर नहीं है। इस नई स्कीम से इस बड़े गैप को भरने में मदद मिलेगी। इसमें 3.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड बिल्डिंग और अन्य कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (Building and Other Construction Workers) को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही, जो लोग अभी एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (Employees' Pension Scheme) से बाहर हैं, वे भी इस स्कीम में शामिल होकर रिटायरमेंट के लिए बचत कर सकेंगे। यह भी संभव है कि EPF और GPF खातों से कुछ बैलेंस इस पेंशन फंड में ट्रांसफर किया जा सके। लेबर मिनिस्ट्री (Ministry of Labour and Employment) जल्द ही इस योजना को लागू करने वाली एजेंसी के नाम का ऐलान कर सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.