आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने PRAGATI-50 पहल शुरू की है, जिसके तहत **24** राज्यों के **76** शहरों में वेस्ट मैनेजमेंट और सैनिटेशन को आधुनिक बनाया जाएगा। यह कदम प्राइवेट कंपनियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने अब स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। PRAGATI-50 पहल का मुख्य लक्ष्य 76 नगरपालिका क्षेत्रों को 'मॉडल सिटी' के रूप में विकसित करना है, जहाँ 100% सफाई और कचरा प्रबंधन के आधुनिक प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। यह योजना 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई है।
इन शहरों पर रहेगी नजर
इस लिस्ट में मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और पुणे जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों के साथ-साथ अयोध्या, वाराणसी, पुरी और तिरुपति जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल भी शामिल हैं। यह कोई सामान्य मेंटेनेंस प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से 'आउटकम-बेस्ड' है, जहाँ शहरों को सख्त स्वच्छता मानकों (Benchmarks) पर खरा उतरना होगा।
प्राइवेट सेक्टर के लिए अवसर
निवेशकों के नजरिए से देखें तो यह सरकारी खर्च का एक बड़ा संकेत है। कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management), वॉटर ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी और एनवायरनमेंट कंसल्टिंग सेक्टर की कंपनियों के लिए यह एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। हालांकि, असली कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले दिनों में टेंडर कैसे निकलते हैं और सरकार का बजट एलोकेशन क्या रहता है।
मॉनिटरिंग और जवाबदेही
इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल करेंगे, जो हर 2 महीने में प्रोग्रेस रिव्यू मीटिंग लेंगे। इससे यह तय होगा कि काम तय समयसीमा के भीतर पूरा हो। हालांकि, प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन में म्युनिसिपल अप्रूवल में देरी और मौजूदा शहरी ढांचे के साथ नई तकनीकों को जोड़ने जैसी चुनौतियां भी हो सकती हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
