गोरखपुर: दहेज और मारपीट के मामले में FIR दर्ज, पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप

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AuthorAditya Rao|Published at:
गोरखपुर: दहेज और मारपीट के मामले में FIR दर्ज, पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप

गोरखपुर की एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि हनीमून के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और शादी के बाद से लगातार दहेज के लिए परेशान किया जा रहा है। यह मामला मई 2023 में हुई शादी से जुड़ा है। ध्यान दें कि यह एक व्यक्तिगत कानूनी मामला है और इसका शेयर बाज़ार या किसी वित्तीय संस्था से कोई संबंध नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

गोरखपुर पुलिस ने 15 अगस्त 2026 को एक महिला की शिकायत के आधार पर उसके पति निखिल मिश्रा और ससुराल के अन्य सदस्यों, जिनमें सास संजू मिश्रा और ननद नेहा पांडे शामिल हैं, के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कानूनी कार्रवाई मारपीट और दहेज उत्पीड़न के आरोपों के बाद हुई है।

हनीमून पर मारपीट का आरोप

महिला, जिसकी शादी मई 2023 में हुई थी, का आरोप है कि जुलाई 2026 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यात्रा के दौरान उसके पति ने उसके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर महिला के मासिक धर्म शुरू होने के बाद हुई, जिसके चलते हिंसा बढ़ गई। महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसे थप्पड़ मारने और गला घोंटने की कोशिश जैसे शारीरिक हमलों का सामना करना पड़ा, जिसमें होटल के कर्मचारियों को बीच-बचाव करना पड़ा।

दहेज के लिए उत्पीड़न का भी केस

शारीरिक शोषण के आरोपों के अलावा, FIR में दहेज उत्पीड़न के औपचारिक आरोप भी शामिल हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि शादी के समय उसके परिवार ने लगभग ₹60 लाख का नकद और सामान दिया था, जिसमें ₹20 लाख नकद और ₹40 लाख के सामान शामिल थे। महिला का आरोप है कि जून 2023 में दिल्ली स्थित ससुराल जाने के बाद से उसे इन चीज़ों को लेकर लगातार ताने मारे जाते थे और प्रताड़ित किया जाता था। उसने यह भी दावा किया कि शादी के लगभग 45 दिन बाद, जुलाई 2023 के मध्य में उसे ससुराल से निकाल दिया गया और उसके निजी सामान को भी जब्त कर लिया गया।

पुलिस की जांच जारी

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी शुरुआती दौर में है। FIR दर्ज होने के बाद, कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब कानूनी प्रक्रिया के अगले कदमों को निर्धारित करने के लिए सबूत इकट्ठा करेंगी। यह मामला निजी नागरिकों से जुड़ा एक आपराधिक मामला है। इसमें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी, वित्तीय संस्थान या शेयर बाज़ार का कोई संबंध नहीं है, इसलिए इसका शेयर बाज़ार, किसी सेक्टर या वित्तीय साधनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निवेशकों को सूचित किया जाता है कि यह केवल एक सामाजिक और कानूनी समाचार रिपोर्ट है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.