ऑस्ट्रेलिया की सबसे अमीर महिला जीना राइनहार्ट की कंपनी हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग ने एलन मस्क की SpaceX में **$1.37 बिलियन** (करीब **₹11,400 करोड़**) का बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) में भी अपना निवेश दोगुना कर दिया है।
अमेरिकी मार्केट में हैनकॉक का बड़ा कदम
ऑस्ट्रेलिया की सबसे अमीर शख्सियत, जीना राइनहार्ट की कंपनी हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग ने अमेरिकी शेयर बाजार में अपनी मौजूदगी काफी बढ़ा दी है। जून 2026 तक की दूसरी तिमाही के रेगुलेटरी फाइलिंग्स के मुताबिक, कंपनी ने एलन मस्क की स्पेसएक्स (SpaceX) में $1.37 बिलियन यानी लगभग ₹11,400 करोड़ का बड़ा निवेश किया है। यह कंपनी का अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा सिंगल इन्वेस्टमेंट बन गया है।
स्पेसएक्स, जो जून 2026 में नैस्डैक (Nasdaq) पर लिस्ट हुई थी, दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कदम हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग के लिए एक बड़ी स्ट्रैटेजिक शिफ्ट को दिखाता है, जो पारंपरिक तौर पर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में अपने आयरन-ओर (Iron Ore) के बिजनेस से वेल्थ मैनेज करती है। स्पेसएक्स के अलावा, कंपनी ने ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (Trump Media & Technology Group - TMTG) में भी अपनी हिस्सेदारी दोगुनी कर दी है।
अमेरिकी पोर्टफोलियो में 72% का इजाफा
जून 2026 के अंत तक, हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग के कुल अमेरिकी पोर्टफोलियो का वैल्यू बढ़कर $5.71 बिलियन (करीब ₹47,500 करोड़) हो गया। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 72% की बड़ी बढ़ोतरी दर्शाता है। टेक और मीडिया में निवेश के साथ-साथ, कंपनी ने एसएंडपी 500 (S&P 500) को ट्रैक करने वाले एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में भी निवेश बढ़ाया है, जो इंडेक्स पार्टिसिपेशन की ओर इशारा करता है।
भारतीय निवेशकों के लिए अहम जानकारी
यह खबर भारतीय निवेशकों के लिए खास है क्योंकि यह स्पेसएक्स जैसी ग्लोबल ग्रोथ स्टॉक्स के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। हालांकि, यह जानना ज़रूरी है कि स्पेसएक्स का स्टॉक नैस्डैक पर लिस्टेड है और भारतीय स्टॉक एक्सचेंज जैसे NSE या BSE पर उपलब्ध नहीं है। भारतीय निवासी अगर US-लिस्टेड कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, तो उन्हें लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत ऑथोराइज्ड इंटरनेशनल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना होगा। इसमें टैक्स, करेंसी एक्सचेंज और RBI के नियमों का पालन करना पड़ता है।
निवेश के जोखिम
निवेशकों को इस तरह के हाई-ग्रोथ और स्पेकुलेटिव स्टॉक्स में निवेश के जोखिमों के बारे में पता होना चाहिए। स्पेसएक्स और टीएमटीजी दोनों ही अत्यधिक वोलेटाइल सेक्टर में काम करते हैं। स्पेसएक्स एयरोस्पेस इंडस्ट्री में लीडर होने के बावजूद, लॉन्ग-टर्म स्पेस एक्सप्लोरेशन और सैटेलाइट सर्विसेज में भारी कैपिटल की जरूरत होती है। वहीं, टीएमटीजी का स्टॉक प्राइस अक्सर मीडिया की सुर्खियों और पॉलिटिकल डेवलपमेंट से प्रभावित होता है, जिससे कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव आता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि ये स्टॉक टेक्नोलॉजी, मीडिया और डिफेंस सेक्टर में हैं, जो इंटरेस्ट रेट्स और इकोनॉमिक ग्रोथ में बदलावों के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो सकते हैं। हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग का आयरन-ओर से टेक में पैसा लगाना लॉन्ग-टर्म इनोवेशन में विश्वास दिखाता है, लेकिन कंपनी अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के तिमाही डिस्क्लोजर नियमों के अधीन भी है।
