Gen Z की नई राह: 'पोर्टफोलियो करियर' का चलन, AI का गहराता असर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Gen Z की नई राह: 'पोर्टफोलियो करियर' का चलन, AI का गहराता असर

इंटरनेशनल वर्कप्लेस ग्रुप (IWG) की नई रिसर्च बताती है कि Gen Z के **33%** प्रोफेशनल अब 'पोर्टफोलियो करियर' बना रहे हैं। वे फाइनेंशियल मजबूती के लिए साइड हसल (Side Hustle) अपना रहे हैं, जो AI और फ्लेक्सिबिलिटी की चाह से प्रेरित है।

इंटरनेशनल वर्कप्लेस ग्रुप (IWG) की एक ताज़ा स्टडी ने Gen Z के प्रोफेशनल जीवन को लेकर एक बड़े बदलाव की ओर इशारा किया है। यह नई पीढ़ी अब पारंपरिक सिंगल-एम्प्लॉयर (Single Employer) करियर के बजाय 'पोर्टफोलियो करियर' का मॉडल अपना रही है। इस मॉडल में लोग एक साथ आय के कई स्रोत बनाते हैं ताकि आर्थिक अस्थिरता और तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी के दौर में खुद को सुरक्षित रख सकें।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका

रिसर्च के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस बदलाव का एक मुख्य कारण है। सर्वे में शामिल 55% Gen Z वर्कर्स का मानना है कि AI उनके करियर के रास्ते को पूरी तरह बदल देगा। इसे खतरे के रूप में देखने के बजाय, वे इसका इस्तेमाल नई स्किल सीखने और आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। ये साइड हसल (Side Hustle) उन्हें ऑटोमेशन (Automation) या इंडस्ट्री में बड़े बदलावों से उत्पन्न जोखिमों से बचाता है।

फ्लेक्सिबिलिटी की ज़रूरत

कई युवा प्रोफेशनल्स के लिए, कई आय स्रोतों को मैनेज करने की क्षमता काफी हद तक वर्कप्लेस फ्लेक्सिबिलिटी पर निर्भर करती है। IWG स्टडी में 65% लोगों ने कहा कि अगर रोज़ाना ऑफिस आना-जाना ज़रूरी हो, तो वे साइड वेंचर्स (Side Ventures) नहीं अपनाएंगे। रिमोट (Remote) या हाइब्रिड (Hybrid) वर्क एनवायरनमेंट (Environment) उन्हें अपने मुख्य काम के साथ-साथ दूसरे काम को संभालने के लिए ज़रूरी समय और आज़ादी देता है।

भविष्य के वर्कप्लेस पर असर

आय के विविध स्रोतों की ओर यह कदम कॉर्पोरेट सेक्टर (Corporate Sector) के लिए लंबे समय में बड़े मायने रखता है। जैसे-जैसे ज़्यादा टैलेंट (Talent) पोर्टफोलियो करियर मैनेज करने के लिए फ्लेक्सिबिलिटी मांगेगा, कंपनियों को Gen Z प्रोफेशनल्स को आकर्षित करने के लिए अपनी हायरिंग (Hiring) और रिटेंशन (Retention) स्ट्रैटेजी (Strategy) बदलनी पड़ सकती है। निवेशकों को यह देखना होगा कि ट्रेडिशनल कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर्स (Corporate Structures) इन बदलते लेबर ट्रेंड्स (Labor Trends) के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं, क्योंकि ऐसा न करने पर प्रतिभा की कमी या टर्नओवर (Turnover) बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.