Gaja Alternative Asset Management ने अपने ₹550 करोड़ के IPO से पहले एंकर निवेशकों से ₹165 करोड़ जुटा लिए हैं। कंपनी का IPO 19 अगस्त को खुलेगा, जिसमें ₹450 करोड़ का फ्रेश इश्यू निवेश प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और कर्ज चुकाने के लिए होगा।
IPO से पहले मिला बड़ा सहारा
Gaja Alternative Asset Management ने अपने आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले एंकर बुक के जरिए संस्थागत निवेशकों से ₹165 करोड़ जुटाने में सफलता हासिल की है। एंकर सब्सक्रिप्शन 18 अगस्त, 2026 को समाप्त हुआ, जो 19 अगस्त को खुलने वाले पब्लिक ऑफर से पहले संस्थागत रुचि का संकेत देता है। यह इश्यू 21 अगस्त, 2026 तक खुला रहेगा।
इश्यू का साइज और प्राइस बैंड
कंपनी इस पेशकश के माध्यम से कुल ₹550 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। इस ऑफर में ₹450 करोड़ के इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ₹100 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹152 से ₹160 प्रति शेयर तय किया गया है।
एंकर निवेशकों की भागीदारी
एंकर पोर्शन में 15 संस्थागत इकाइयों ने भाग लिया। इस समूह में Nippon Life India, Invesco, और JM Financial Mutual Fund जैसे डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ HDFC Life, SBI Life, और Bajaj Life जैसी इंश्योरेंस कंपनियां शामिल थीं। Societe Generale जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से भी भागीदारी देखी गई।
फंड का इस्तेमाल
फंड के इस्तेमाल के बारे में कंपनी ने बताया है कि वह फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि में से लगभग ₹372 करोड़ का उपयोग करेगी। यह पूंजी मौजूदा और नए फंड्स में स्पॉन्सर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और ब्रिज लोन का भुगतान करने के लिए है। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों में वृद्धि देखने को मिली है। मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹79.7 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के ₹59.5 करोड़ की तुलना में 33.8% अधिक है। इसी अवधि के लिए रेवेन्यू ₹135.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹122 करोड़ से बढ़ा है।
जोखिम का पहलू
निवेशकों को अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट बिजनेस से जुड़े विशिष्ट जोखिमों पर विचार करना चाहिए। इस क्षेत्र में रेवेन्यू अक्सर मैनेजमेंट फीस और परफॉर्मेंस-आधारित कैरिड इंटरेस्ट (carried interest) से जुड़ा होता है, जो मार्केट साइकिल्स और निवेश के प्रदर्शन के आधार पर घट-बढ़ सकता है। कंपनी को की-पर्सन रिस्क (key-person risk) का भी सामना करना पड़ता है, क्योंकि यह व्यवसाय अपने विशिष्ट मैनेजमेंट टीम पर बहुत अधिक निर्भर है। इसके अलावा, प्राइवेट इक्विटी और अल्टरनेटिव निवेशों की प्रकृति के कारण कंपनी इन संपत्तियों की अंतर्निहित अस्थिरता और लिक्विडिटी जोखिमों के संपर्क में है। कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग 26 अगस्त, 2026 को होने की उम्मीद है।
