कोलकाता की कंपनी Fusion CX ने ऑस्ट्रेलियाई स्टाफिंग फर्म VA Platinum का अधिग्रहण कर लिया है। इस डील के साथ कंपनी के पोर्टफोलियो में **700** नए कर्मचारी और **350** क्लाइंट्स जुड़ गए हैं। यह कंपनी का **16वां** अधिग्रहण है, जो उनके **₹1,000 करोड़** के IPO की राह आसान कर रहा है।
बाजार में दबदबा बनाने की तैयारी
कोलकाता स्थित Fusion CX ने ऑस्ट्रेलियाई ऑफशोर स्टाफिंग फर्म VA Platinum को खरीद लिया है। इस डील के जरिए कंपनी को न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया में सीधे तौर पर काम करने का मौका मिलेगा। इस ट्रांजेक्शन के साथ ही कंपनी ने अब तक कुल 16 कंपनियां अधिग्रहित कर ली हैं।
सर्विस का दायरा बढ़ाना
इस अधिग्रहण से Fusion CX को फाइनेंशियल और अकाउंटिंग आउटसोर्सिंग जैसे स्पेशलाइज्ड सेक्टर में पैठ मजबूत करने में मदद मिलेगी। VA Platinum के पास फिलीपींस के सेबू और डावाओ में डिलीवरी सेंटर्स हैं। कंपनी अब अपने बिजनेस को केवल कस्टमर एक्सपीरियंस से आगे ले जाकर मॉर्गेज ब्रोकिंग, रियल एस्टेट मैनेजमेंट और लीगल कन्वेयंसिंग जैसे निश क्षेत्रों में फैलाना चाहती है।
IPO का गणित और फाइनेंशियल हेल्थ
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब Fusion CX अपने स्टॉक मार्केट डेब्यू की तैयारी कर रही है। कंपनी को SEBI से ₹1,000 करोड़ जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी ने ₹1,818 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹169 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर
इन्वेस्टर्स के लिए अब असली चुनौती 'इंटीग्रेशन' है। इतने कम समय में 16 कंपनियों को एक साथ जोड़ना ऑपरेशनल चुनौतियां पैदा कर सकता है। अब बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि क्या कंपनी बिना अपने प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित किए इस नई वर्कफोर्स को अपने टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन मॉडल में सफलता के साथ ढाल पाती है या नहीं।
