Flipkart Valuation $38.2 अरब के पार! ESOP बायबैक के बाद कंपनी की वैल्यू में 6% का उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Flipkart Valuation $38.2 अरब के पार! ESOP बायबैक के बाद कंपनी की वैल्यू में 6% का उछाल

ई-कॉमर्स दिग्गज Flipkart के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी का वैल्यूएशन अब बढ़कर **$38.2 अरब** तक पहुंच गया है, जो पिछले **$36 अरब** के स्तर से **6%** ज्यादा है। यह उछाल **$50 मिलियन** के ESOP बायबैक प्रोग्राम के बाद आया है, जो कंपनी के तय परफॉर्मेंस टारगेट्स को पूरा करने पर हुआ।

ESOP बायबैक और वैल्यूएशन में इजाफा

Flipkart, जो Walmart के स्वामित्व वाली कंपनी है, का वैल्यूएशन हाल ही में $38.2 अरब पर पहुंचा है। यह वैल्यूएशन कंपनी के लेटेस्ट एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) बायबैक के दौरान तय हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने अपने कुछ वेस्टेड शेयर्स को बेचा। यह मौजूदा वैल्यूएशन मई 2024 के प्राइवेट कैपिटल रेज के दौरान रहे $36 अरब के लेवल से 6% की वृद्धि दिखाता है।

बायबैक कैसे हुआ और परफॉर्मेंस का रोल

यह शेयर बायबैक प्रोग्राम करीब $50 मिलियन (लगभग ₹475 करोड़) का था और इसे दो हिस्सों में बांटा गया था। दूसरे फेज का एग्जीक्यूशन सीधे तौर पर Flipkart के मैनेजमेंट द्वारा तय किए गए परफॉर्मेंस टारगेट्स को पूरा करने से जुड़ा था। Flipkart ग्रुप के CEO कल्याण कृष्णमूर्ति ने 6 जुलाई 2026 को कन्फर्म किया कि इन टारगेट्स को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया, जिससे बायबैक का दूसरा फेज शुरू हो सका।

रीस्ट्रक्चरिंग का शेयर वैल्यू पर असर

शेयर वैल्यू में सटीक वृद्धि का पता लगाने के लिए कंपनी के कॉर्पोरेट डोमिसाइल को सिंगापुर से भारत में शिफ्ट करने के असर को भी देखना होगा। इस स्ट्रैटेजिक कदम के तहत, पिछले स्टॉक ऑप्शंस को नई भारतीय एंटिटी के शेयर्स में बदला गया, जिसने कर्मचारियों के होल्डिंग्स के फाइनेंशियल कैलकुलेशन को बदला। जुलाई 2025 में हुए शुरुआती बायबैक फेज में, डोमिसाइल चेंज को ध्यान में रखते हुए बायबैक प्राइस लगभग ₹672 प्रति ऑप्शन तय किया गया था। वहीं, मौजूदा बायबैक प्राइस ₹713.4 प्रति ऑप्शन पिछले बारह महीनों में 6% की वैल्यू ग्रोथ का संकेत देता है।

निवेशकों के लिए स्ट्रैटेजिक संकेत

जहां यह बायबैक इंटरनल कॉन्फिडेंस और कर्मचारियों को रिवॉर्ड करने का संकेत देता है, वहीं यह Flipkart की ब्रॉडर कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी की मौजूदा स्थिति को भी दर्शाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने प्राइवेट मार्केट में और फंडरेज़िंग पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की योजनाओं को भी फिलहाल टाल दिया है।

निवेशकों और मार्केट ऑब्जर्वर्स के लिए, कंपनी के लंबे समय में प्रॉफिटेबिलिटी की राह और पब्लिक लिस्टिंग के टाइमलाइन पर किसी भी फ्यूचर अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। चूंकि Flipkart, Walmart की सब्सिडियरी है, इसका फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर को ट्रैक करने वाले एनालिस्ट्स के वैल्यूएशन मेट्रिक्स को काफी प्रभावित करता है। पब्लिक मार्केट में एंट्री में देरी के बावजूद वैल्यूएशन ग्रोथ बनाए रखने की कंपनी की क्षमता, प्राइवेट इन्वेस्टर्स के लिए एग्जिट तलाशने से पहले इंटरनल बिजनेस फंडामेंटल्स को मजबूत करने पर फोकस का संकेत देती है।

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