Air India AI171 क्रैश: जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने सरकार से लगाई गुहार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Air India AI171 क्रैश: जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने सरकार से लगाई गुहार

Federation of Indian Pilots ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से 2025 के AI171 हादसे की फाइनल जांच रिपोर्ट में अपने टेक्निकल सुझाव शामिल करने की मांग की है। फोकस Boeing 787-8 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर Air India की फ्लाइट AI171 के हादसे की फाइनल जांच प्रक्रिया में औपचारिक रूप से शामिल होने की मांग की है। यह घटना जून 2025 में हुई थी और अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के करीब है। पायलट यूनियन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Boeing 787-8 ड्रीमलाइनर के इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर से जुड़ी उनकी तकनीकी राय को फाइनल रिपोर्ट में उचित जगह मिले।

हादसे की गंभीरता और तकनीकी पेच

विमान (VT-ANB) के साथ हुए इस दुखद हादसे में 260 लोगों की जान गई थी। दुर्घटना के वक्त विमान ने कुल 41,000 से ज्यादा फ्लाइट ऑवर्स पूरे किए थे। FIP का तर्क है कि विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम का बारीकी से विश्लेषण करना अनिवार्य है, क्योंकि यही तकनीकी कारक हादसे की जड़ तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं।

एयरलाइंस पर क्या होगा असर?

AAIB इस जांच में मानवीय, परिचालन और मैकेनिकल हर पहलू को खंगाल रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने अभी तक पायलटों की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इस दखल से जांच प्रक्रिया की अहमियत बढ़ गई है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस रिपोर्ट के बाद एयरलाइंस के लिए मेंटेनेंस प्रोटोकॉल और सेफ्टी गाइडलाइन्स में बड़े बदलाव आ सकते हैं। किसी भी नए सेफ्टी डायरेक्टिव का सीधा असर विमानों के परिचालन समय और एयरलाइंस की ऑपरेशनल कॉस्ट पर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें सरकार के अंतिम फैसले और Boeing 787 विमानों के भविष्य पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.