Kashmiri Pandit Threat Letters: फारूक अब्दुल्ला का बड़ा दावा, इसे बताया सरकारी साजिश

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Kashmiri Pandit Threat Letters: फारूक अब्दुल्ला का बड़ा दावा, इसे बताया सरकारी साजिश

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही धमकियों को एक 'प्रशासनिक साजिश' करार दिया है। उनका आरोप है कि जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी करने के लिए यह माहौल बनाया जा रहा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को मिली धमकियों की असलियत पर सवाल खड़े किए हैं। अनंतनाग में एक संबोधन के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये डराने की कोशिशें एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं ताकि क्षेत्र में डर का माहौल बनाया जा सके। उन्होंने तर्क दिया कि इन नैरेटिव का इस्तेमाल प्रशासन द्वारा राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया को टालने के लिए किया जा रहा है।

प्रशासन पर गंभीर आरोप

अब्दुल्ला ने इन धमकियों की विशिष्टता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं के वरिष्ठ हिंदू अधिकारी फिलहाल ऐसी किसी चुनौती का सामना नहीं कर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए अब्दुल्ला पर चरमपंथी रणनीति को कमतर आंकने और आतंकी गुटों के वास्तविक खतरे को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

सुरक्षा और कर्मचारियों की चिंता

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' (ULC) नाम के एक समूह के नाम से दो पत्र सामने आए। सुरक्षा एजेंसियां इस समूह को लश्कर-ए-तैयबा का छद्म संगठन मान रही हैं। इन पत्रों में प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज के तहत काम करने वाले अल्पसंख्यक कर्मचारियों के पते और गाड़ी के नंबर जैसी निजी जानकारी लीक होने से समुदाय में गहरा डर है।

इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर भी दो अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने पिता के राजनीतिक बयानों से दूरी बनाते हुए इसे एक कानून-व्यवस्था की चुनौती के रूप में लिया है। उन्होंने पुलिस जांच को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। निवेशकों के नजरिए से देखें तो जम्मू-कश्मीर की आर्थिक स्थिरता सुरक्षा और प्रशासनिक निरंतरता पर निर्भर है। पुलिस जांच के नतीजे और सुरक्षा उपायों में होने वाले बदलाव ही तय करेंगे कि क्षेत्र का माहौल भविष्य में कैसा रहने वाला है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.